Hanuman Prasad

श्रीमद देवी भागवत पुराण | Devi Bhagwat Puran Hindi PDF

सम्पूर्ण श्रीमद देवी भागवत हिंदी – Devi Bhagwat Puran Book/Pustak Pdf Free Download माता दुर्गा देवी की भागवत कथा और महत्व भगवती दुर्गा साक्षात् नारायणी है । बसिष्ठजीके यो भक्तिपूर्वक स्तुति करने पर वे तुरंत प्रसन्न हो गर्यो । तदनन्तर शरणागतका दुःख दूर करनेवाली उन महादेवीने मुनिसे कहा- ‘बुम सुयुम्नके घर जाकर भक्तिभावसे मेरी आराधना …

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श्री दुर्गासप्तशती पाठ | Durga Saptashati Path PDF In Hindi

श्री दुर्गासप्तशती पाठ विधि सहित | Durga Saptashati Path Book/Pustak PDF Free Download दुर्गासप्तशती हिंदू-धर्मका सर्वमान्य ग्रन्थ है। इसमें भगवतीकी कृपाके सुन्दर इतिहासके साथ ही बड़े-बड़े गूढ़ साधन रहस्य भरे हैं। कर्म, भक्ति और ज्ञानकी त्रिविध मन्दाकिनी बहानेवाला यह ग्रन्थ भक्तों के लिये वांछाकल्पतरु है। सकाम भक्त इसके सेवनसे मनोऽभिलषित दुर्लभतम वस्तु या स्थिति सहज …

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योग एवं भक्ति | Yog Evm Bhakti

योग एवं भक्ति | Yog Evm Bhakti Book/Pustak PDF Free Download मन्त्र सिद्धिका अद्भुत चमत्कार बिरला हाउस, नयी दिल्लीसे मास्टर श्रीरामजी लिखते हैं दिल्ली में अनुमान दो-ढाई माससे एक वैष्णव साधु आये हुए थे, जिनका नाम बाबा गोपालदास है। वे यहाँपर आर्यनिवास नं० १, डाक्टर लेन पर ठहरे थे। छतके ऊपर एक गोल-सा छोटा कमरा …

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सुखी होने के उपाय | Sukhi Hone Ke Upay

सुखी होने के उपाय | Sukhi Hone Ke Upay Book/Pustak PDF Free Download पुस्तक का एक मशीनी अंश साधनामय जीवन मन जिस प्रकारकी भावनामें रहता है, मनमें जो चीजें रहती हैं, उसी प्रकारसे, उसी भावसे वह मनुष्य जगत्को देखता है। जिसके मनमें बुरा भाव है वह जगत्में सर्वत्र बुराई ही देखता है। वह उन्हीं बुरे …

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सरस प्रसंग | Saras Prasang

सरस प्रसंग | Saras Prasang Book/Pustak PDF Free Download पुस्तक का एक मशीनी अंश विशुद्ध प्रेम जहाँ प्रेम केवल प्रेमके लिये होता है वहाँ प्रेमकी विशुद्धि बनी रहती है। जहाँ प्रेम किसी दूसरे आधारपर उपस्थित हो गया और किसी दूसरेको वह चाहने लगा तब वह प्रेम कलंकित हो जाता है उस प्रेमका केवल प्रेम नाम …

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प्रेम और प्रेमी | Prem Aur Premi

प्रेम और प्रेमी | Prem Aur Premi Book/Pustak PDF Free Download पुस्तक का एक मशीनी अंश सच्चा प्रेम त्यागमें है एक प्रश्न है कि किसीके शरीरमें बड़ी पीड़ा हो रही है। उसे बिच्छू काट लिया है या अन्य प्रकारकी कोई वेदना है। उस वेदनामें भगवान्‌का मंगलमय विधान है और उसमें भगवान्‌को सुख होता है। इसे …

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कालिया नाग पर कृपा | Kaliya Naag Par Kripa

कालिया नाग पर कृपा | Kaliya Naag Par Kripa Book/Pustak PDF Free Download पुस्तक का एक मशीनी अंश कालीय हृदमें भगवान्का प्रवेश शुकदेवजीने यह लीला-कथा कहना शुरू किया। शुकदेवजीने कहा वृन्दावनमें जो यमुनाजी बहती हैं उनके दक्षिण भागमें एक जलसे भरा हुआ हृद था – सरोवर कुण्ड था। उसमें यह विषधर सर्पराज निवास करता था। …

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जैसा बीज वैसा फल | Jaisa Beej Waisa Fal

जैसा बीज वैसा फल | Jaisa Beej Waisa Fal Book/Pustak PDF Free Download पुस्तक का एक मशीनी अंश तीर्थयात्राका महत्त्व और परलोकवादकी सत्यता ‘आधुनिक कालमें जन-समुदायका विश्वास तीर्थयात्रा और परलोकवादसे उठता जा रहा है। परंतु यहाँ एक ऐसी घटनाका वर्णन दिया जा रहा है, जो केवल सत्य ही नहीं है वरं जिसकी साक्षीके रूपमें राजस्थान …

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ब्रज भाव | Braj Bhav

ब्रज भाव | Braj Bhav Book/Pustak PDF Free Download पुस्तक का एक मशीनी अंश अनुभूतिकी गहनता सहज ही वाणीका आश्रय लेती है अभिव्यक्त हो उठनेके लिये प्रबल एवं प्रगाढ अनुभूतिकी अभिव्यक्ति जबतक हो नहीं जाती तबतक कवि हृदय उमड़ता ही रहता है। अभिव्यक्ति कवि हृदयकी एक विवशता और आवश्यकता है और यह अभिव्यक्ति ही कवि …

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देवी चिंतन एवं उपयोगी मंत्र | Devi Chintan Avm Upyogi Manrta

देवी चिंतन एवं कुछ उपयोगी मंत्र | Devi Chintan Avm Kuchh Upyogi Manrta Book/Pustak PDF Free Download पुस्तक का एक मशीनी अंश मायाशक्ति और महाशक्ति कोई-कोई कहते हैं कि इस मावाशक्तिका ही नाम महाशक्ति, प्रकृति विद्या, अविद्या, ज्ञान, अज्ञान आदि है, महाशक्ति पृथक् वस्तु नहीं है। सो उनका यह कथन भी एक दृष्टिसे सत्य ही …

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पद रत्नाकर | Pad Ratnakar

पद रत्नाकर | Pad Ratnakar Book/Pustak Pdf Free Download पुस्तक का एक मशीनी अंश साधुभाव, सोपील्य परम, चापल्य मथुर, गाम्भीर्य अपार । गीत-वाद्य-शुचि-नृत्य-कुशलता, ललित अनन्त कला-आगार । जिय-गुण-वर्णन-मुखरा अति, मन मौन, नित्य उद्दीपित भाव । स्व-सुख-कल्पनाशून्य सर्वथा, नित्य एक प्रियतम-सुख-चाव । सहज प्रेम प्रतिमा, पर निजी में नित्य प्रेमशून्यता-ज्ञान । आत्मनिवेदनमयता, पर है नहीं समर्पण-स्मृति …

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धर्म अंक | Dharm Ank

धर्म अंक | Dharm Ank Book/Pustak Pdf Free Download पुस्तक का एक मशीनी अंश अर्थात् श्रीशंकराचार्य साक्षात् शंकर थे । श्रीराम- नुजाचार्य शेषके अपवार थे। पितामह ब्राने मनाचार्य के रूपमें अवतार अहण किया था।पद्धति कोई भी क्यों न हो, अभीष्ट है धर्मके अन्तर्गत आनेवाले समप्रदाबौका सामझस्त्र | सङ्गोपन्न येदके गुरुपरम्परागत उपदेशसे सम्बन्ध होने के कारण …

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संत वाणी अंक | Sant Vani Ank

संत वाणी अंक | Sant Vani Ank Book/Pustak Pdf Free Download पुस्तक का एक मशीनी अंश श्रीमहादजी कहते हैं-हापीमें भी विष्णु, सर्पमें मी विष्णु, जलमें भी विष्णु और अविमें भी भगवान् विष्णु ही हैं । दैत्वपते ! आपमें भी विष्णु और मुझमें भी विष्णु हैं, विष्णुके बिना दैत्यगणकी भी कोई सत्ता नहीं है । मैं …

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साधन अंक | Sadhn Ank

साधन अंक | Sadhn Ank Book/Pustak Pdf Free Download पुस्तक का एक मशीनी अंश बैदान्तशाखमें कई प्रकारसे यह बात बतायी गयी है। कहीं इसके सत्रह अवयव बताये गये हैं- पाँच कर्मेन्द्रिय, पाँच ज्ञानेन्द्रिय, बुद्धि, मन और पाँच प्राण (बेदान्तसार १३); फिर आठ पुरियोंका उल्लेख है (सुरेश्वराचार्यका पञ्चीकरण चार्तिक)-जिनमें पाँच ज्ञानेन्द्रिय, पाँच कर्मेन्द्रिय, मन, बुद्धि, अहंकार, …

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साधन पथ | Sadhan Path

साधन पथ | Sadhan Path Book/Pustak Pdf Free Download पुस्तक का एक मशीनी अंश इससे यह सिद्ध होता है कि उसे अभावमय सुख सदाके लिये सन्माष्ट नहीं कर सकता। बदह पूर्ण सुख चाहता है । पूर्ण, नित्य, अभावरहित मुख उस सद्, त्रिकाल्व्यापी और वस्तुका खरूप है, यह वस्तु केवल परमात्मा है । इस न्यायसे विविध …

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