Kanaiyalal Munshi

लाज कन्हैयालाल मुंशी | Laaj Novel PDF In Hindi

लाज – Laaj Book/Pustak Pdf Free Download पुस्तक का एक मशीनी अंश विधुमुखी होंठ काटती बोली-‘और वह धर्मराज युधिष्ठिर जिसने नारी को जुए के दांव में लगा दिया। सभी तो संस्कार वश हैं । शिवगौरी क्रोध-भरे स्वर में कहने लगी- ‘सोती हुई पत्नी को छोड़कर चले जाने वाले तथागत गौत्तमबुद्ध भी क्या कम थे ?” …

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विश्वामित्र | Vishvamitra PDF In Hindi

विश्वामित्र – Vishvamitra Book/Pustak Pdf Free Download पुस्तक का एक मशीनी अंश क्या हुआ है ? किसी प्रकार भी आ नहीं रहा है मुह के पास । (पात्र लेकर मुँह से लगाता है। सोते-सोते पैर हिलाता है । ) अच्छा, मैं झटपट चलू नहीं तो प्रजीगर्त भाग जाएगा । वेग से पैर हिलाता है ।) …

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गुजरात के गौरव | Gujarat Ka Gaurav PDF

गुजरात के गौरव – Gujarat Ke Gaurav Book/Pustak Pdf Free Download पुस्तक का एक मशीनी अंश हाथ-में-हाव लिये, हँसते हुए, पथ आते-जाते लोगों की हँसी उड़ाते. हुए दोनों चले जा रहे थे। इनके विचार से के सभी स्त्री-युग्ध पाटण के पोर साथ हो इनके भी दास थे, इनको प्रसन्न करने के लिये ही उन सभी …

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गौरव का प्रतीक | Gaurav Ka Pratik PDF

गौरव का प्रतीक – Gaurav Ka Pratik Book/Pustak Pdf Free Download पुस्तक का एक मशीनी अंश आपके क यना रहे। सो, अपनी का और स्वार्थ को भूनकर इस चक्कर ममता।””उसमें सुमने किया । थी के प भर की रानी है विश्वास करते-करते अब तो बूड़ी हो ” मुंबाल इस पोट थे दवे नवर में बोला, …

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लोपामुद्रा | Lopamudra PDF In Hindi

लोपामुद्रा कनैयालाल मुंशी – Lopamudra Book Pdf Free Download पुस्तक का एक मशीनी अंश पिछले दिन की वह घटना कहीं विश्वरथ गुरु से कह न दें, इस बद से बह कपिला गाय की तरह शान्त हो बोला, ‘जब आपकी आशञा है सब फिर क्या ‘पौर प्रजीगत तुमको पढ़ायेंगे। गुरु ने कहा, “जामो, बड़ना झगड़ना नहीं।’ …

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शम्बर कन्या | Shambar Kanya PDF

शम्बर कन्या | Shambar Kanya Book/Pustak Pdf Free Download पुस्तक का एक मशीनी अंश पकड़ो। हाँ, हुमा क्या? मैंने हाथ जोड़ र वावना की–ह भगवती | मैं पापका मिथ्या होने का इ है । मुझे न साथ लेती चाहिए । जयन्त चौर जाबाल-फिर ? অন-(विवय भाव से ) फिर मूखों । उस देवी तुल्य महर्षि …

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अतीत के स्वप्न | Atit Ke Swapn Novel PDF In Hindi

अतीत के स्वप्न – Atit Ke Swapna Kanaiyalal Munshi Book Pdf Free Download पुस्तक का एक मशीनी अंश ‘मैं कहाँ अस्वीकार करती हूँ। देर तो केवल आपकी है। मैरी देर ! क्या चाहती है ?’मीठास से मीनल देवी बोली-मेरा पुत्र एक चक्र राज्य करे, इतना ही चाहती हूँ।चाची! पाटन का अधिपति सदैव एक ही चक्र …

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प्रतिशोध | Pratishodh Novel Kanaiyalal Munshi PDF

प्रतिशोध उपन्यास – Pratishodh Book/Pustak Pdf Free Download पुस्तक का एक मशीनी अंश रघुभाई को अधिक परियम नहीं करना पड़ा । उसने ऐसा भाव दिचामा मानो उसमें अनन्तानन्द में अट्ट मितता है और वह उन्हें रिवर से भी अधिक मानता है। आलिर दोलाशा उन्हें ऊपर ले गया और जहाँ वह स्वयं सोता था वहीं रघुभाई …

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જય સોમનાથ નવલકથા | Jay Somnath Novel PDF In Gujarati

જય સોમનાથ – Jay Somnath Book PDF Free Download જય સોમનાથ નવલકથા એની અડધી ધોળી થએલી દાઢીની એમણે ગાંઠ મારી હતી. એમની ડાબી કે બીજની ચંદાલા જેવી જનાઈ હટતી હતી. એમને આવતા જોઈ લણા હાથ જોડી ઊભા રહા, ઘણા પગે પાયા, પ્રલો સાપાંગ દંડવત કર્યા. ‘જય સવરૂપ’ ‘જન્મ સt’ ચારે તરફ ઉચારાઈ રહ્યું.આ વૃહના લલાટ …

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ગુજરાત નો નાથ | Gujarat No Nath PDF

ગુજરાત નો નાથ – Gujarat No Nath Book/Pustak PDF Free Download પુસ્તક નો એક મશીની અંશ સ્તશતીય ને રસ્તે જેમ જેમ કે માવત ગયા તેમ તેમ હૈ માસ ગામ મહેતા અને સમૃતિવાન દેખાયાં; સાધુ અને પૌષધશાળા અને આશ્રમ ગૃહ તાન જ તૈયાર કરાયેલાં નજરે હા. કાકા પોતે બ્રાહ્મણ હતા; વૈદિક અને પ્રમાણિક પ્રણાલિકા માં ઉછેર …

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પૃથ્વી વલ્લભ | Pruthvi Vallabh PDF In Gujarati

પૃથ્વીવલ્લભ – Pruthvi Vallabh Book/Pustak PDF Free Download પૃથ્વી વલ્લભ નવલકથા માંથી અમુક શબ્દ વિક્રમની અગીઆરમી સદી ચાલતી હતી. હીંદુ રાજાઓ માંહામાંહે લડતા હતા. ત્યાનાં સ્થાપના તે વિનાશ ચાલ્યા કરતાં હતાં: કેટલાક મહાપ્રતાપી નરેશ સામ્રાજ્યા સરજવાના પ્રયત્નો કરી રહ્યા હતા. લેા સુખ અને સંસ્કારી હતા; તેમનું જીવન સાદુ પણ સચેતન હતુ. તેમના આદર્શ સરલ છતાં …

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