Ramsukha Das

प्रार्थना कैसे करे | Prayer To God PDF

परमपिता से प्रार्थना करनेका तरीका – How To Do Pray PDF Free Download पुस्तक का एक मशीनी अंश हम जैसे होने चाहिये, वैसे नहीं हैं, यह बात ठीक है, हम स्वीकार करते हैं: परन्तु हम कैसे ही हों, हैं तो आपके ही। हम किसी दूसरेके तो हो नहीं सकते अब ऐसी कृपा करो कि आपकी …

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साधक संजीवनी | Sadhak Sanjivani

साधक संजीवनी | Sadhak Sanjivani Book/Pustak Pdf Free Download पुस्तक का एक मशीनी अंश श्रीमद्भगवद्गीता एक ऐसा विलक्षण ग्रन्थ है, जिसका आजतक न तो कोई पार पा सका, न पार पाता है, न पार पा सकेगा और न पार पा ही सकता है गहरे उतरकर इसका अध्ययन-मनन करनेपर नित्य नये-नये विलक्षण भाव प्रकट होते रहते …

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साधना सुधा सिंधु | Sadhana Sudha Sindhu

साधना सुधा सिंधु | Sadhana Sudha Sindhu Book/Pustak Pdf Free Download पुस्तक का एक मशीनी अंश आनेवाले जड पदार्थोंकी अपेक्षा उनका ज्ञान सूक्ष्म है और ज्ञानकी अपेक्षा ज्ञाता अत्यधिक सूक्ष्म है। फिर वह जाननेमें कैसे आ सकता है ? श्रुति भी कहती है ‘विज्ञातारमरे केन विजानीयात् ?’ उसीकी चित्-शक्तिसे बुद्धि, मन और इन्द्रियाँ अपने अपने …

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कर्म रहस्य | Karma Rahasya

कर्म रहस्य | Karma Rahasya Book/Pustak Pdf Free Download पुस्तक का एक मशीनी अंश कारण जीवनमुक्त पुरुषोंके स्वभावों में भी भिन्नता रहती है। इन विभिन्न स्वभावोंके कारण ही उनके द्वारा विभिन्न कर्म होते हैं पर वे कर्म दोषी नहीं होते, प्रत्युत सर्वथा शुद्ध होते हैं और उन कमोंसे दुनियाका कल्याण होता है । संस्कार अंशसे …

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कल्याणकारी प्रवचन | Kalyankari Pravachan

कल्याणकारी प्रवचन | Kalyankari Pravachan Book/Pustak Pdf Free Download पुस्तक का एक मशीनी अंश हम भगवान्के आश्रित हो जायें अथवा संसारका आश्रय छोद दें दोनों का एक ही अर्थ होता है। संसारका आश्रय सर्वथा छृट जानेसे भगवानका आश्रय स्वतः प्राप्त हो जाता है भगवान के सर्वथा आश्रित हो जाने से संसारका आश्रय स्वतः छूट जाता …

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जीवन उपयोगी प्रवचन | Jeevan Upayogi Pravachan

जीवन उपयोगी प्रवचन | Jeevan Upayogi Pravachan Book/Pustak Pdf Free Download पुस्तक का एक मशीनी अंश हम विचार करके देखते हैं तो स्पष्ट मालूम होता है कि मनुष्य ही परमात्मप्राप्तिका अधिकारी है । जैसे चारों आश्रमोंमें ब्रह्मचर्याश्रम केवल पढ़ाईके लिये है। इसी तरह चौरासी लाख योनियों में मनुष्य-शरीर ब्रह्मविद्याके लिये है। ब्रह्मविद्याकी प्राप्तिके लिये ही …

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क्या गुरु बीना मुक्ति नहीं? | Kya Guru Bina Mukti Nahi

क्या गुरु बीना मुक्ति नहीं? | Kya Guru Bina Mukti Nahi Book/Pustak Pdf Free Download पुस्तक का एक मशीनी अंश संकीर्तनके समय मुक्तकण्ठसे भगवान्के नामोंका घोष करना चाहिये। ज्ञान, विद्वत्ता, पद, धन आदिके अभिमानमें चुप नहीं बैठ रहना चाहिये। खड़ा कीर्तन होता हो तो संकोच छोड़कर खड़े हो जाना चाहिये। कहीं हमारे किसी आचरणसे भगवत्रामसंकीर्तनका …

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गीता प्रबोधनी | Geeta Prabodhani

गीता प्रबोधनी | Geeta Prabodhani Book/Pustak Pdf Free Download पुस्तक का एक मशीनी अंश ब्राह्मणक्षत्रियविशां शूद्राणां च परन्तप। कर्माणि प्रविभक्तानि स्वभावप्रभवैर्गुणैः ॥ हे परन्तप! ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य और शूद्रोंके कर्म स्वभावसे उत्पन्न हुए तीनों गुणोंके द्वारा विभक्त किये गये हैं। व्याख्या- कर्मयोगके प्रकरणमें भगवान्ने नियत कर्मोके त्यागको अनुचित बताते हुए फल एवं आसक्तिका त्याग करके …

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गीता माधुर्य | Geeta Madhurya

गीता माधुर्य | Geeta Madhurya Book/Pustak Pdf Free Download पुस्तक का एक मशीनी अंश इस प्रकार दुर्योधनकी चालाकीसे, राजनीतिसे भरी हुई तीखी बातोंको सुनकर द्रोणाचार्य चुप रहे, कुछ होले नहीं ।इससे दुर्योधन अप्रसन्न हो गया । द्रोणाचार्य चुप क्यों रहे? दुर्योधनने द्रोणाचार्यको उकसानेके लिये चालाकीसे राजनीतिको जो बातें कहीं, वे बातें द्रोणाचार्यको बुरी लगीं । …

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गीता दर्पण | Geeta Darpan

गीता दर्पण | Geeta Darpan Book/Pustak Pdf Free Download पुस्तक का एक मशीनी अंश भगवान्की दिव्यवाणी श्रीमद्भगवद्गीताके भाव बहुत ही गम्भीर और अनायास कल्याण करनेवाले हैं। उनका मनन करनेसे साधकके हृदयमें नये-नये विलक्षण भाव प्रकट होते हैं। समुद्रमें मिलनेवाले रत्नोंका तो अन्त आ सकता है, पर गीतामें मिलनेवाले मनोमुग्धकारी भावरूपी रत्नोंका कभी अन्त नहीं आता। …

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