मुस्लिम तंत्र | Muslim Tantra Tantrik Bahl PDF In Hindi

मुस्लिम तंत्र – Muslim Tantra Tantrik Bahl Book/Pustak PDF Free Download

मुस्लिम तन्त्र

यह एक आम विश्वास है कि हमारे वैदिक मन्त्र कीलित हैं, इसलिए इन्हें प्रयोग में लाने से पूर्व इनका उत्कीलन आवश्यक होता है। लेकिन इस्लामी मन्त्र कीलित नहीं हैं, इसलिए इनके उत्कीलन की बिल्कुल आवश्यकता नहीं होती है।

इस्लामी मन्त्र की प्रमुख भाषा अरबी अथवा फारसी होती है। यह भाषा उच्चारण में तो क्लिष्ट हो सकती है, लेकिन इसका प्रयोगात्मक रूप एकदम सरल और शीघ्र प्रभावी है।

रोजमर्रा की जिन्दगी में आप भी इस तन्त्र से लाभ उठायें। इसी उद्देश्य को लेकर सुप्रसिद्ध लेखक “तांत्रिक बहल” ने यह “मुस्लिम तन्त्र” आपके लिए प्रस्तुत की है।

अल्लाह के रहम-ओ-करम पर भरोसा रखने वालों और नेक • नीयत से ख़ुदा के बंदों की खिदमत करने वाले इन्सानों के हाथ में ही यह इल्म (तन्त्र) मुहाफिज (सुरक्षित) रह सकता है।

मुसीबत टालने हेतु

“शेख फरीद की कामरी अब अंधियारी निसि। • तीनों चीज बराइये आग ओला-पानी बिस ॥ ” अगर मार्ग में आग लग जाये अथवा पानी बरसने लगे तो इस मन्त्र को २१ बार पढ़कर ताली बजाने से मुसीबत दूर हो जाती है।

दुकान की बिक्री बढ़ाने का मन्त्र

अगर किसी ने तान्त्रिक प्रयोग करके दुकान बांध दी हो तो नम्,लिखित मन्त्र का प्रयोग करने से बिक्री खुल जाती है। | शुक्लपक्ष के पहले शुक्रवार को निम्न मन्त्र जपें। फिर बिस्मिल्लाह’ और ‘दरूद’ पढ़ें ।

“बिरिंज्कुलफत हू दुकान ‘अमुक’ की विसुतन ‘अमुक’ का जारीगर्दी बहक्क या फताही या वासितो।”

कार्य सिद्धि हेतु इस्लामी शाबर मन्त्र

‘ओम नमो सात समुद्र के बीच शिला जिस पर सुलेमान पैगम्बर बैठा, सुलेमान पैगम्बर के चारों दिक चार मवक्किल तारिया, सारिया, जारिया, जमारिया, एक मवक्किल पूरब को धाया,

देव-दानवों को बांधि लाया, दूसरा मवक्किल पश्चिम को धाया भूतप्रेत को बांधि लाया, तीसरा मवक्किल उत्तर को धाया अऊत-पितर को बांधि लाया, चौथा मवक्किल दक्खिन

रोजी मिलने का प्रयोग

पहले चमेली के तेल का दीपक जलाकर उसके सामने सवा मिठाई तथा सुगंधित इत्र रखकर, लोबान की धूनी दें। फिर मल्लाह पढ़कर दरूद पढ़ें। मन्त्र इस प्रकार है “या जिब्राईल या दरदाईल या रफ्ताईल तन्काफील बहक्क जुहह।”

रोजी मिलने का मन्त्र

प्रातः काल स्नानोपरांत प्रतिदिन ४९ की संख्या में इस मन्त्र का भिमुख बैठकर जप करने से थोड़े ही दिनों में रोजी की प्राप्ति ली है। “बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम या इश्राफील बहक्क या अल्ला अल्ला हुस्नसल्ला मुहम्मद नव धारक वसल्लम ।”

मन्त्र जाप से पहले ‘बिस्मिल्लाह’ पढ़ें, फिर १००१ बार “नलिखित मन्त्र को पढ़ें “या अल्लाहो या रहमानो या रहीमो या हैयो या कैयूमो।” प्रतिदिन प्रातःकाल लोबान की धूनी देते रहें।

लेखक Tantrik Bahl
भाषा हिन्दी
कुल पृष्ठ 188
PDF साइज़26 MB
CategoryReligious

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