दश देवियाँका वर्णन | Top 10 Powerful Goddess PDF

दश महाविद्या – 10 Hindu Goddess Pdf Free Download

दसों देवियों की सूचि

  1. काली
  2. तारा
  3. छिन्नमस्ता
  4. षोडशी
  5. भुवनेश्वरी
  6. त्रिपुरभैरवी
  7. धूमावती
  8. वगलामुखी
  9. मातंगी
  10. कमला

1. काली

दस महाविद्यार्थोमें काली प्रथम हैं। महाभागवतके अनुसार महाकाली ही मुख्य है और उन्हीं के उम्र और सौम्य दो रूपोंमें अनेक रूप धारण करनेवाली दस महाविद्याएं हैं।

बिद्यापति भगवान् शिवकी शक्तियां ये महाविद्याएँ अनन्त सिद्धियाँ प्रदान करने में समर्थ हैं। दार्शनिक दृष्टिसे भी कालतत्त्वकी प्रधानता सर्वोपरि है। इसलिये महाकाली या काली ही समस्त विद्याओंकी आदि हैं

अर्थात् उनकी विद्यालय विभूतियों ही महाविद्याएं हैं। ऐसा लगता है कि महाकालकी प्रियतमा काली ही अपने दक्षिण और याम रूपों में दस महाविद्याओंके नामसे विख्यात हुई।

युह्रीलतन्वर्म कहा गया है कि रक्त और कृष्णभेदसे कारली ही दो रूपोंमे अधिष्ठित हैं । कृष्णाका नाम ‘दक्षिणा’ और रक्तवर्णाका नाम ‘सन्दरी है।कालिकापुराणमें कथा आती है

एक बार हिमालयपर अवस्थित मतंग मुनिके आश्रम में जाकर देवताओंने महामायाकी स्तुति की। स्तुतिसे प्रसन्न होकर मतंग यनिताके रूपमें भगवतीने देवताओंको दर्शन दिया

पूछा कि तुमलोग किसकी स्तुति कर रहे हो। उसी समय देवीके शरीरसे काले पहाडके समान वर्णवाली एक और दिल्य नाराका प्राकटय तुआ। उसे महातेजस्विनीन स्वयं ही देवताओंकी औरसे उत्तर दिया

ये लोग मेरा ही स्तवन कर रहे हैं। ये काजरनक समान कृष्णा थी, इसीलिये उनका नाम काला पड़ा।दुर्गासमशनीक अनुसार एक बार शुम्भ-निशुम्भके अत्याचार्से व्यधित होकर

वताओं ने हिमालयापार जाकर देवीसूकसे देवीकी स्तुति की, तब गौरीकी देतसे कीशिकीका प्राकट हुआ काशिको बालग होते ही अम्या पाती का स्वरूप कृष्ण हो गया. जो ‘काली’ नामसे विख्यात हुई।

कालीको नीलमाया होनेके कारण ताग भी कहते हैं। नारद-पाउरात्रके प्रस्ताव सुनकार देवी ऋयद हो गयी और उनकी देशसे एक अन्य पोजशी विग्रह प्रकट हुआ और उससे छाया विग्रह त्रिपुरमे स्थीका प्राकटय हुआ।

कालीकी उपासनान मम्पदायगत भद है। प्रायः दो नपाम इनकी उपासनाका प्रचलन है। भव बन्धन मौचनमें कालीकी उपासना सर्वोत्कृष्ट कहीं जाती है। शक्ति-दो पीठोमें कालीकी श्याम पाठपर है।

लेखक Gita Press
भाषा हिन्दी
कुल पृष्ठ 25
Pdf साइज़19.6 MB
Categoryधार्मिक(Religious)

दश महाविद्या – Dasha Mahavidha Book Pdf Free Download

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