विश्व इतिहास | World History Book PDF In Hindi

विश्व इतिहास प्राचीन काल – World History Pdf Free Download

पुस्तक का एक मशीनी अंश

कृषि तथा पशुपालन की उन्नति के साथ मनुष्य ऐसे स्थलों पर, जहां खेती का अधिक सुभीता, जैसे अधिक उपजाऊ जमीन, सिंचाई के लिए आवश्यक जल इत्यादि मिला, जमकर रहने लगे कृषक-समाज की संचरणशील बनौकस लोगों से दिनों दिन विभिन्नता बढ़ती गयी।

यहां तक कि उनके दृष्टिकोण, संगठन, रहन-सहन में बहुत बड़ा फर्क पैदा हो गया। मोटे तौर पर मानवसंसार दो भागों में विभक्त सा हो गया। यही नहीं, कृषक-समाज में भी असमता बढ़ने लगी। जिसको अधिक संतान हुई उसकी आर्थिक स्थिति में उत्तरोत्तर उन्नति होने लगी,

जिससे कुछ घरानों का सामाजिक और आर्थिक महत्व बढ़ गया, कुछ की स्थिति घट गयी। धन और जन-बल के कारण कुछ कुटुम्बों का दूसरों पर सहज आतंक जमने लगा और उपजाऊ घरती पर उनका कब्जा बढ़ने लगा।

ईसा से लगभग छः से तीन हजार वर्ष पूर्व का युग संस्कृति एवं सभ्यता के लिए बड़े महत्त्व का है। उस युग के आविष्कारों में एक तो पशुओं एवं हवा की शक्ति का कृषि तथा वाहन के लिए उपयोग, दूसरा तवे को गलाकर उससे अववा ज्समें अन्य धातु को मिलाकर कृषि के लिए हल आदि औजार,

वरतन तथा अस्त्र शस्त्र बनाने का कौशल। ईसा के ढाई हजार वर्ष पूर्व सोने और चांदी का उपयोग भिन्न तथा मसोपोटामिआ और सम्भवतः अन्यत्र भी हो चला था। तीसरा आविष्कार चक्र (फिरकी या पहिया ) का बरतन, खिलौने आदि बनाने, वाहन, जैसे र्थ आदि चलाने, बोझ खींचने या ढकेलने के लिए उपयोग,

और चौथा सूर्य की गति के अनु सार काल-गणना (सोलर कैलेन्डर की रचना) सबसे महत्वपूर्ण गिने जाते हैं । उन्हीं की सहायता से कृषि तथा व्यापार, धन-धान्य, सभ्यता और संस्कृति, कला कौशल, उद्योग धन्यों आदि अनेक क्षेत्रों में शीघ्रता से उन्नति होने लगी जिससे मानव-जगत् की रूप रेखा

लेखक रामप्रसाद त्रिपाठी-Ramprasad Tripathi
भाषा हिन्दी
कुल पृष्ठ 507
Pdf साइज़51.5 MB
Categoryइतिहास(History)

विश्व इतिहास – Vishva Itihas Pdf Free Download

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