उस मौत का रोजनामचा | Us Maut Ka Rojnamcha

उस मौत का रोजनामचा | Us Maut Ka Rojnamcha Book/Pustak Pdf Free Download

पुस्तक का एक मशीनी अंश

उसकी आखिरी छवि जो उसकी मां के जेहन में थी, बो थी बैडरूम की तरफ उसके हुए जाने की। सैंतिएगो नासार ने मां को उस वक्त जगाया था जब वह गुसलखाने में लपकते दवाई के बक्से में से एस्पिरिन खोजते हुए इधर-उधर डोल रहा था।

मां ने बत्ती जलायी थी और अपने बेटे को दरवाजे में देखा था। सैंतिएगो नासार के हाथ में पानी का गिलास था। वह उसे हमेशा इसी रूप में याद रखेगी। सैंतिएगो नासार ने मां को अपने सपने के बारे में बताया था,

लेकिन वह दरख्तों की तरफ कोई खास तवज्जो नहीं दे रही थी। “परिंदों के बारे में किसी भी सपने का मतलब अच्छी सेहत होता है। मां ने बताया था।उसने अपने बेटे को उसी हिंडोले से,

झूलेनुमा अपने बिस्तर से, और उसी हालत में देखा था जिसमें मैंने उस वक्त बुढ़ापे की आखिरी लौ में टिमटिमाते हुए देखा था। तब मैं तब इस भूले-बिसरे गांव में लौटा था।

मैं तब स्मृतियों के टूटे हुए दर्पण को एक वार फिर से जोड़ कर अतीत की कड़ियों को फिर से देखने की कोशिश कर रहा था। सैंतिएगो नासार की मां तब पूरी रौशनी में मुश्किल से आकृतियों में फर्क कर पाती वी।

उसने अपनी कनपटियों पर किसी जड़ी-बूटी की पुल्टिस रखी हुई थी ताकि वह ता-उम्र चलने वाले उस सिरदर्द से छुटकारा पा सके जो उसका बेटा आखिरी बार बेडरूम से गुज़रते हुए उसके लिए छोड़ कर गया था।

वह करवट ले कर लेटी हुई थी और हिंडोले के सिरे की रस्मी थामे हुए उठने की कोशिश कर रही थी। उस धुंधलके में गिरजा घर की वैसी ही बू वसी हुई थी जिसने मुझे अपराध वाली सुबह भीतर तक हिला दिया था।

लेखक गैब्रियल गार्सिया मार्खेज-Gabriel Garsia Markhej
भाषा हिन्दी
कुल पृष्ठ 82
Pdf साइज़1.1 MB
Categoryउपन्यास(Novel)

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