रिच डैड पुअर डैड | Rich Dad Poor Dad PDF In Hindi

रिच डैड पुअर डैड – Rich Dad Poor Dad In Hindi Book/Pustak PDF Free Download

पुस्तक का एक मशीनी अंश

पैसो के बारे में अमीर लोग अपने बच्चों को ऐसा क्या सिखाते है,

जो गरीब और माध्यम वर्ग के माता पिता नहीं सिखाते !

रिच पुअर डेड Rich Dad Poor Dad रॉबर्ट कियोसाकी जी Robert Kiyosaki द्वारा लिखित एक सेल्फ हेल्प व व्यक्तिगत वित्तीय प्रबंधन की पुस्तक है।

इस किताब में अपने वित्तीय शिक्षा वित्तीय स्वाधीनता तथा निवेश द्वारा किसी प्रकार अपना व्यापार अपनी वित्तीय बुद्धि सुधार आदि बातों को बताया गया है।

यह किताब एक मिथकीय उपन्यास के रूप में लिखा गया है, जिनमें रिच डैड और पुअर डैड की कहानी लिखी गयी हैं।

अध्याय छह, सबक़ पाँच : अमीर लोग पैसे का आविष्कार करते हैं

पिछली रात मैंने लिखना बंद किया और अलैग्ज़ेंडर ग्राहम बेल के जीवन पर आधारित एक टीवी कार्यक्रम देखा। बेल ने टेलीफ़ोन का पेटेंट करवाया था और उनकी नई खोज की बहुत माँग थी।

चूँकि उन्हें एक बड़ी कंपनी की ज़रूरत थी इसलिए वे उस समय की नामी कंपनी वेस्टर्न यूनियन के पास गए और उनसे कहा कि वे उनके पेटेंट और उनकी छोटी सी कंपनी को ख़रीद लें।

वे पूरे पैकेज के एक लाख डॉलर चाहते थे। वेस्टर्न यूनियन के अध्यक्ष ने यह सुनते ही त्यौरियाँ चढ़ा लीं और प्रस्ताव को यह कहकर ठुकरा दिया कि माँगी जाने वाली क़ीमत बहुत ज़्यादा है। बाकी इतिहास है। खरबों डॉलर के उद्योग का जन्म हुआ और ए. टी. एड टी. का जन्म हुआ।

अलग्ज़ेंडर ग्राहम बेल की कहानी ख़त्म होने के बाद शाम के समाचार आ रहे थे। समाचारों में एक स्थानीय कंपनी के स्टाफ़ में कटौती के बारे में एक खबर थी।

कर्मचारी नाराज़ थे और शिकायत कर रहे थे कि कंपनी के मालिक ज़्यादती कर रहे हैं। फैक्ट्री के सामने एक 45 साल का नौकरी से निकाला गया मैनेजर अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ खड़ा था और सुरक्षा गाडों से अंदर जाने की इजाज़त माँग रहा था ताकि वह मालिकों से यह विनती कर सके कि उसे नौकरी से न निकाला जाए।

उसने हाल ही में एक मकान खरीदा था और उसे डर था कि उसे मकान बेचना पड़ेगा। कैमरा उसके अनुनय विनय पर नजरें गड़ाए था और पूरी दुनिया इसे देख रही थी। यह कहने की ज़रूरत नहीं है कि इसने मेरा ध्यान खींच लिया।

रिच डैड पुअर डैड का सार (Rich Dad Poor Dad Summary)

जैसा की किताब के कवर पेज पर ही लिखा गया है कि रिच डैड पुअर डेड Rich Dad Poor Dad के बारे अमीर लोग अपने बच्चों को ऐसा क्या सिखाते है जो गरीब और माध्यम वर्ग में माता पिता नहीं सिखाते।

इसका अर्थ यह है कि इस किताब में यह अमीर बनने के बारे में बताया गया है। चूहा दौड़ जिसमें आम आदमी दौड़ा करता है। चूहा दौड़ का अर्थ अपनी वित्तीय स्वतंत्रा को प्राप्त करने का उपाय हम नौकरी पाना चाहते हैं।

नौकरी द्वारा इतना ही आय प्राप्त हो सकती है, जितना कि हम अपना जीवन व्यतीत कर सके। इसके बाद आय पर सरकार टैक्स लगाती है।

रोबर्ट कियोसाकी को अपने बचपन में दो पिताओं की शिक्षा मिली। रोबर्ट का डैडी एक पढ़े लिखे विश्वविद्यालय के प्रोफेस्सर थे लेकिन अपनी आमदनी को सही ढंग से प्रबंधन नहीं कर पाते थे।

वहीं दूसरी तरफ रिच डैड जो कि लेखक के प्रिय मित्र माइक के पिता थे कम पढ़े लिखे थे उनकी गणना हवाई राज्यके अमीरों में होती थी। इसका कारण लेखक ने रिच डैड की वित्तीय साक्षरता को दी है।

अतः लेखक का कहना है कि गरीब और मध्यवर्गीथ लोग पैसे के लिए काम करते हैं, जबकि अमीरों के लिए पैसा काम करता है।

गरीब आदमी नौकरी की सुरक्षा प्रमोशन और पेंशन के लिए काम करते। ज्यादा पैसा कमाने के लिए वे लोग ज्यादा मेहनत को ही प्राथमिकता देते हैं।

इस प्रकार उसके अंदर असुरक्षा की भावना रहती है, जबकि अमीर काम सीखने के लिए काम करते हैं काम सीखने के बाद पैसा अपने आप आता है। नए नए तारीके खोजते रहते है।

रॉबर्ट कियोसाकी का मानना रहा है कि बच्चों को विद्यालयों को वित्तीय साक्षरता का पाठ पढ़ाया जाना चाहिए।

उसे आज के सूचना युग के लिए तैयार करना चाहिए न की औद्यागिक युग की तरह स्कूल जाओ अच्छे नंबरों से पास हो और दायित्व में फर्क नहीं समझता है।

यही कारण है कि वह घर को अपनी सबसे बड़ी पूँजी समझता है, जबकि वही पर उसके जेब से सबसे ज्यादा पैसा निकलता है। लेखक का मानना है कि संपत्ति वह है, जो आपके जेब से पैसा लाय न की आपके जेब से पैसा निकाले।

अतः संपत्ति और दायित्व के अंतर को समझना चाहिए। लोगों को अपने जीवन में पैसिव इनकम पर ध्यान देना चाहिए, जिसमें व्यापार स्टॉक बॉन्ड म्यूच्यूअल फंड्स रियल स्टेट नोट्स ,बौद्धिक सम्पदा पर स्थान देना चाहिए, जिससे आपकी जेब में पैसा आए।

लेखक ने मैक्डोनाल्ड के मालिक रे क्रॉक का उदाहरण दिया है जिन्होंने M.B.A के विद्यार्थियों को अपनी वास्तव व्यवसाय हैम बर्गर बेचना नहीं बल्कि रियल स्टेट बताया है।

रे का व्यापार प्लान फ्रेंचाइजी बेचना था, जिसमें वे फ्रेंचाइजी की लोकेशन द्वारा रियल स्टेट का व्यापार करते थे।

लेखक का कहना है कि लोगों को एक साल तक बिक्री की कला सीखनी चाहिए। भले ही इससे कुछ कमाई न हो , लेकिन इससे कम्यूनिकेश स्किल्स सुधार होगी।

लेखक सैद्धांतिक एवं व्यवहारिक दोनों बातों को सिखाया है। कुछ बुरी आदतों से बचने की सलाह दी है, जिनमें डर सनकीपन, आलस्य बुरी आदतें जिद आदि है।

व्यवसाय और निवेश सीखा जा सकता है, केवल नौकरी की सुरक्षा से ही ग्रसित नहीं रहना चाहिए। अपने सीखने की गुणवत्ता में भी सुधार करना चाहिए, तभी हम वित्तीय स्वाधीनता की ओर बढ़ पाएँगे।

रॉबर्ट कियोसाकी ने रिच डैड पुअर डैड पुस्तक को १० अध्यायों में बाँटा है। जिनमें प्रमुख है.

  • अमीर लोग पैसे के लिए काम नहीं करते हैं।
  • पैसे की समझ क्यों सिखाई जानी चाहिए।
  • अमीर लोग पैसे का आविष्कार करते हैं।
  • सीखने के लिए काम करें पैसे के काम न करें।
  • शुरुवात करना

रॉबर्ट टी कियोसाकी के दो पिता हैं, जिनमें से एक अमीर है और एक गरीब है। अब आप सोचेंगे दो पिता कैसे? एक उनके जन्मदाता है, जो कि गरीब थे। और दूसरे पिता उनके बेस्ट फ्रेंड के पिता थे।

जिन्हें रॉबर्ट अपना पिता मानता था।एक पिता जो गरीब है, बहुत ही ज्यादा पढ़े-लिखे हैं और उनके दूसरे पिता जो अमीर है उन्होंने अपने स्कूल की पढ़ाई भी पूरी नहीं की है। 

दोनों ने अपनी जिंदगी में बहुत कड़ी मेहनत की थी और दोनों ही अपने क्षेत्र में सक्सेस भी प्राप्त की थी। पैसों को लेकर उन दोनों की राय भी बिल्कुल अलग थी। इसे हम कुछ पॉइंट्स के मदद से समझते हैं।

1. सोच-

रॉबर्ट कियोसकी के पहले पिता का मानना था कि वह कोई वस्तु खरीद नहीं सकते जबकि दूसरे पिता इस बात से चिढ़ते थे। दूसरे पिता रॉबर्ट को हमेशा समझाते थे कि तुम किसी चीज को कैसे खरीद सकते हो इस बारे में सोचो।

पहले पिता की सोच नकारात्मक है। वहीं पर दूसरे पिता की सोच प्रश्नवाचक है। नकारात्मक सोच बात को वहीं पर खत्म कर देता है। जबकि प्रश्नवाचक सोच हमें सोचने पर मजबूर कर देता है कि हम कैसे किसी वस्तु को हासिल कर सकते हैं।

जब कोई व्यक्ति अपने दिमाग में यह सोच लेता है कि वह किसी वस्तु को नहीं खरीद सकता तो उसका दिमाग भी काम करना बंद कर देता है। परंतु जब कोई व्यक्ति अपने दिमाग से प्रश्न करता है तो उसका दिमाग काम करना शुरू करता है। दिमाग प्रश्नों के उत्तर ढूंढने लगता है।

इसका मतलब यह है कि दिमाग को नकारात्मक चीजों से दूर रखो और दिमाग को उसका काम करने दो इससे दिमाग Active रहेगा और धीरे-धीरे strong हो जाएगा।

2. जोखिम-

रॉबर्ट के पहले पिता का मानना था कि आपको जोखिम नहीं उठाना चाहिए। आप अच्छे से पढ़ाई करो अच्छे Marks लेकर आओ तथा safe और सिक्योर job करो। वहीं दूसरी तरफ रॉबर्ट के दूसरे पिता सिखाते थे कि जोखिम को कैसे Manage किया जा सकता। पढ़ाई करो और अपने पैसे को काम पर लगाओ।

3. संपत्ति और दायित्व में अंतर का पता होना-

हमें अपनी संपत्ति और अपने दायित्व का पूरा ज्ञान होना चाहिए। संपत्ति से धन में वृद्धि होती है। दायित्व से धन या पैसों में कमी आती है।

यदि आप अमीर बनना चाहते हैं तो आप संपत्ति खरीदें (जमीन,बॉन्ड, शेयर इन्वेस्टमेंट) और यदि आप गरीब ही रहना चाहते हैं तो आप दायित्व (लोन पर लिया गया फर्नीचर,गाड़ी, लग्जरी प्रोडक्ट्स) खरीदें।

अब आप दायित्व को देखकर Confuse मत होना आप फर्नीचर या गाड़ी खरीदते हैं तो उससे आपको किसी भी तरह का Income नहीं होगी।

4. सबसे पहले खुद को पेमेंट करना-

रॉबर्ट के दूसरे पिता रोबोट को यह बात समझाई की सबसे पहले आप अपनी कमाई का एक हिस्सा अपने लिए रखें। और उन पैसों से अपने लिए ऐसी संपत्ति खरीदें जो आपको आय प्रदान करें।

5. गलतियों से सीख लेना-

रॉबर्ट के दोनों पिता नहीं उन्हें यह बात सिखाई थी कि यदि आप एक बार गलती करते हैं तो उस गलती की पुनरावृति दुबारा नहीं करें। बल्कि उससे सीख ले और अपनी life में आगे बढ़े।

6. पैसे के लिए काम –

रॉबर्ट के अमीर पिता का मानना था की हमें पैसों के लिए काम नहीं करना चाहिए। मतलब पैसो के पीछे नहीं भागना चाहिए बल्कि पैसों को हमारे लिए काम करवाना चाहिए। वहीं पर रॉबर्ट की दूसरी पिता रॉबर्ट को पैसे कमाने के लिए दबाव डालते थे।

7. मौके की पहचान करना-

सभी को सही मौके की पहचान करना आना चाहिए यदि आप सही मौके को नहीं पहचान पा रहे हैं तो आप कभी भी अमीर नहीं बन सकते हैं।

उदाहरण: एक आदमी एक सड़क से गुजर रहा था वहां पर कुछ घर के सामने बोर्ड लगा हुआ था जिस पर लिखा था “House for sale”. उस समय मंदी का दौर चल रहा था।

पर वह आदमी बिना घबराए हुए इस मौके को अपने हाथ से नहीं जाने देता है, और एक अच्छा खासा घर बहुत ही कम कीमत में खरीद लेता है। कुछ दिनों के बाद मंदी का दौर खत्म हुआ अब उस घर को दुगनी कीमत पर बेचता है।

8. पैसे को सहेजने की समझ का होना –

वैसे तो सभी लोग पैसे को सहेज कर रखते हैं पर यहां पर सहेजने का अर्थ अपने अलमारी या गुल्लक में अपने पैसों को रखने से नहीं है। यहां पर सहेजने का अर्थ है अपने पैसे को ऐसी जगह invest करना जिससे कि आय होती रहे।

साथ ही साथ यह भी ध्यान रखना कि पैसे को ऐसी जगह खर्च ना किया जाए जिससे किसी भी तरह का income ना हो।

इस बात से फर्क नहीं पड़ता है कि आप कितना पैसा कमा रहे हैं बल्कि इस बात से फर्क पड़ता है कि आप उन पैसों को कहा और कैसे खर्च करते हैं।

“अमीरी की चोटी पर पहुँचने के लिए आपको रिच डैड, पुअर डैड पढ़ना ही चाहिए। इससे आपको बाज़ार की और पैसे की व्यावहारिक समझ मिलेगी, जिससे आपका आर्थिक भविष्य सुधर सकता है।”

ज़िग ज़िग्लर

“अगर आपको अंदर की बात जानना हो कि किस तरह अमीर बना जाए और बने रहा जाए तो यह पुस्तक पढ़ें अपने बच्चों को रिश्वत दे (पैसे की भी रिश्वत, अगर इसके बिना काम न चले) ताकि वे भी इसे पढ़ें।”

मार्क विक्टर हेन्सेन

“रिच डेड, पुअर डेड पेसे पर लिखी गई कोई साधारण किताब नहीं है. यह पढ़ने में आसान है और इसके मुख्य सबक़-जैसे, अमीर बनने में एकाग्रता और हिम्मत की जरूरत होती है, बहुत ही आसान है।”

-होनोलूलू मैग्ज़ीन

“काश कि मैंने यह पुस्तक अपनी जवानी में पढ़ी होती या शायद इससे भी अच्छा यह होता कि यह पुस्तक मेरे माता-पिता ने पढ़ी होती। यह तो इस तरह की पुस्तक है कि आप इसकी एक-एक कॉपी अपने हर बच्चे को देते हैं और कुछ कॉपी खरीदकर रख लेते हैं ताकि जब आपके नाती-पोते हो और वे 8 या 9 साल के हो जाए तो आप इसे उपहार में दे सकें।”

स्यू ब्रॉन

“रिच डेड़, पुअर डेड अमीरी का शॉर्टकट नहीं बताती यह सिखाती है कि आप पैसे की समझ कैसे विकसित करें किस तरह अपनी पैसे की जिम्मेदारी निभाएँ और इसके बाद किस तरह अमीर बनें। अगर आप अपनी आर्थिक प्रतिभा को जगाना चाहते है तो इसे ज़रूर पढ़े।”

डॉ. एड कोकेन

लेखक रॉबर्ट टी कियोसाकी
भाषा हिन्दी
कुल पृष्ठ 124
PDF साइज़21 MB
Categoryअर्थशास्त्र(Economy)

रॉबर्ट कियोसाकी के बारे में

रॉबर्ट कियोसाकी हवाई में पले बढ़े जापानी अमरीकी है। उनके पिता हवाई राज्य में शिक्षा प्रमुख थे। रोबर्ट की शिक्षा न्यूयोर्क में हुई और गरजतिओं के बाद यू।

एस मरीन कॉर्पस में शामिल होकर एक ऑफिसर और हेलीकाप्टर गनशिप पायलट के रूप में वियतनाम पहुँच गए। वापस आने पर रोबर्ट का बिजनेस करियर शुरू हुआ।

१९७७ में उन्होंने कंपनी स्थापित की जिसमें उन्होंने करोड़ों डॉलर का विश्वव्यापी उत्पाद बनाया।

१९८५ में आपने व्यसाय जगत को छोड़कर एक अंतर्राष्ट्रीय शैक्षणिक कंपनी की स्थापना की जो लोगों को व्यसाय और निवेश के गुण सीखा रही १९९७ में प्रकाशित रिच डैड पुअर डैड Rich Dad Poor Dad पुस्तक, न्यूयोर्क टाइम्स की बेस्ट सेलर हुई। आज इनकी अनेक पुस्तकें व्यसाय और निवेश के सम्बन्ध के बाजार में उपलब्ध है।

रिच डैड पुअर डैड Rich Dad Poor Dad क्यों खरीदें

रिच डैड पुअर डैड पुस्तक रॉबर्ट कियोसाकी द्वारा लिखित विश्व प्रसिद्ध पुस्तक है। उन्होंने दुनिया भर लोगों की पैसों के बारे में सोच को बदला है.

माता पिता अपने बच्चों को स्कूल भेजते हैं, लेकिन स्कूल में कई साल गुजारने भी वित्तीय साक्षरता नहीं दी जाती है। उन्हें सिर्फ नौकरी की सुरक्षा का पाठ पढ़ाया जाता है लेकिन पैसों को अपने लिए काम करवाया नहीं सिखाया जाता है।

अतः व्यापार और निवेश के गुणों को विकसित करने के लिए आपको यह पुस्तक आपको अवश्य पढ़नी चाहिए। इससे आपको बाजार की और पैसे की व्यावहारिक समझ मिलेगी जिससे आपका आर्थिक जीवन बदल सकता है।

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