ज्योतिष श्याम संग्रह | Jyotish Shyam Sangrah PDF

ज्योतिष श्याम संग्रह – Jyotish Shyam Sangrah Book/Pustak Pdf Free Download

पुस्तक का एक मशीनी अंश

वल गुण भाग देना जानता होगा निःसंदेह इस ग्रंथके द्वारा नष्ट जन्म बना लेगा. चौदहवां गर्भाधानाध्याय है-इसमें बायको कनु होनेका रण वा गर्भका थारण, कन्या वा पुत्रोत्पाप,दिष्यादि उत्पत्ति संतवि- ग,

गर्भलय्रसे वा प्रश्नलग्नसे प्रश्नकुंडलीका बनाना याने अमुकदिन बालक दा होगा उसको उदाहरणसहित बताया है। जो इस उदाहरणकी रीतिसे नारवेंगे निश्चय गर्भकुंडलीसे प्रसवकुंडली बना छेगे.

पंद्रहवाँ प्रसवाध्याय है समें बालकके पैदा होनेका हाल, सतिकागृहनिर्णय आदि बहुत हाल वर्णन केया है. सोलहरां अश्टवर्गीध्याय है-इसमें सर्यादि सब गयरहोंकी रेखानहित हुकेतुकी दशा भी बनायी है.

सत्रहवां द्विग्रहयोगाध्याय है-इसमें स्यादि दो दो ग्रहोके योग हैं. अठारहवां चिरिमहपोगाध्याय है-इसमें सूर्यादि तौन तीन यहाँके योग हैं. उन्नीसवां चतुर्थहयोग अध्याय है-इसमें चार २ बहोंके योग हैं.

बीमवां पंच्रह्योगाध्याय है-इसमें पांच प्रहोंके योग हैं. इकीसां पड़्पहयोगाध्याय है-इसमें छः वा सात ग्रहंके योग है. बाईसवां पाका- ध्याय है-इसमें विंशोत्तरी अष्टोत्तरी योगिनी दशा बनानेकी

रीति सचक्र उदाहरणसहित बतायी है. तेइसवां अंतरदशाध्याय है-इसमें तीनों प्रका- रकी दशाओंक अन्तर स्पष्ट करके सबके चक्र बनाये हैं. चौबीसवां प्रत्यंतरदशाध्याय है-इसमें इक्यासी

चक्र स्पष्ट करके विशोनरी दशाके प्रत्यंतर बनाये हैं. पच्चीसवें अध्यायमें भावकल आयुर्दायसहित बताया है और पच्चीसवे अध्याय ग्रंथ के बंशका वर्णन किया है। जो महा शय इस ग्रंथका पठन पाठन

करेंगे थे बहुतलाभ उठावेगे व संसारमें यशको प्राम होंगे, अतःसदैव मुझ चरणसेवकको आशीर्वाद दिया करेंगे । इस ग्रंथका सर्व हक्क छेगे. पंद्रहवाँ प्रसवाध्याय है समें बालकके पैदा होनेका

हाल, सतिकागृहनिर्णय आदि बहुत हाल वर्णन केया है. सोलहरां अश्टवर्गीध्याय है-इसमें सर्यादि सब गयरहोंकी रेखानहित हुकेतुकी दशा भी बनायी है. सत्रहवां द्विग्रहयोगाध्याय

लेखक पंडित श्यामलाल-Pandit Shyamlal
भाषा हिन्दी
कुल पृष्ठ 404
Pdf साइज़30.5 MB
Categoryज्योतिष(Astrology)

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