मटेरिया मेडिका | Homoeopathic Materia Medica PDF In Hindi

मेटेरिया मेडिका (रिपर्टरी सहित) – Homoeopathic Materia Medica With Repertory Book/Pustak PDF Free Download

साचारिता (Saromparine)

रोग और आशिक था क रोग के कारण बरिषमावरण-पोसा गरमी मौसम बार और बेवक पाने के बाद और আ सांची कखण विशेष रूप से वक्ष है ।

मन-निराग, उचेषित, कुल मिसावजीर रुपये। सिষइई के उदाख हो । के ऊपरी भाग में चुमन र सिरके पीले भाग के द्रव । से লাক श्री बाहुनाल रोगकारण अरिष-कारणों में पीलीबंगा।

दिर की खालउत्तेजित । चेहरे और साड़ी होठ पर स्कोट । खीर की पर इर वजे । खुरध्दरोग चेहरे से तू हो।मुह-समान प्रायः चपटे चार चार बहन, कसैला स्वाद बलहीन ।

कृषितउबरकर और उदास । इट और पीठ दर्द के साथ-साथ । नधिक शासन कम, चिकना, रसदार, बाल बायें, खूनी। पथरी । कृषक ।

मूर्तता के बाद तीव पीड़ा बैठने पर मूत्र टपले । चाराच टना और कोमल । अच्छा पेश करते समय बोर इसके पहले चिल्लाये। बच्चे के पोवडे] (विछौनेकी चादर ) कर बालू के कम पर मिला था और मूत्रक ।

यािनेकृषक से नीचे की ओर दर्द । मूत्राशय की बरोक मु कममोर चार] [से लिरे । सुषमा के मंत्र पर पर्दा पुरुष-ूनौ बौ हत | अनगे्ि पर असक दर्गन्ध जननेन्दिव बर ाद ।

फोटो और वीडियो देश पर खुजली । उप, पपड़ी दाने और अस्थि बौका।सो-सन धंधे छोटी, थी, सिकुड़ी हुई। मासिक धर्म के बदले खुत और माथे पर वर बने ।

मासिक धर्म देर में और कम आषा में। आाक के पहकेदिन डे पर और इन के । चर्म-दूस्तार, कोम, उमापार (एबोट-, सैनिक) शाखा अलीपुर। अभियान आप, भाग ।

चले रोड में चोदा पाने, सुमी गुणती । वसन्त ऋतु में रोगाण पक पक आ । इरार, इत जर पैर को खाक चिरके। ब कका, कबीर ।

गरमी बिनोला अंग-ममता व निवास। बाय और कशाने हाथ जोर से अंगुलियों के बीच में अळन न् काका प. संगसी वे शिरो के चारो।

लेखक डॉ बिलियम बोरिक Dr Biliyams Borik
भाषा हिन्दी
कुल पृष्ठ 1207
PDF साइज़ 71.7 MB
Category स्वास्थ्य(Health)

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