हवा को महसूस करो | Hava Ko Mahsoos Karo Hindi Comic PDF

हवा को महसूस करो – Hava Ko Mahsoos Karo Book Pdf Free Download

पुस्तक का एक मशीनी अंश

अपने बालों में बहती हवा को महसूस करो, अपने पर की दरारों से निकलती हवा को सीटी बजाते सनो, इन या तालाब के पानी में हवा की लहरै बने देखी.

हया सदा पत्ती रहती है, की-कभी हार, कभी-कभी तेज, शक्तिशाली हवा नावों को धकेल सकती है. पहातो को सि सकती है, और अनाज पौसने के लिए

पवन चक्की चला सकती है न भूपन की तेज हवाओं कीन कभी सी भील प्रति घटा या उससे भी तेज गति से यलती है पैड़ों की उ्ाह कर गिरा देती है।हया से मोसम में बदमाय भाते हैं, मौसम का पूर्वानुमान लगाने वाले वैजनिक हवा की दिशा और गति का अध्ययन करते हैं और अनुमान लगाते है कि आने वाले

दिनों में प्य निकलेगी या पटल आयेंगे और वर्षा होग इस पुस्तक में यह भी बताया गया है कि या दिशा और गति जानने हम हवा को देख नहीं सकते हम चलती हुई हवा को भी नही देख सकते.

अकिन हम हवा को हमारे आसपास की वस्तुओं को हिलाते देख सकते है चलती हुई हवा पेड़ों के पत्तों को हिलाती है और झीलों के

पानी मैं लहरै बनाती हैं.सुन हथा को सुन भी सकते हो जब तुमने पर की दरारों से हवा. निकलती है तो लगता है कि कोड सीटी बजा रहा हो अगर हवा अहुत लेज गति से पले तो सगता है कि कोई उगती जानवर विल्ला हा है।तुम हवा को हिलाते हुए देख सकते हो,

तुम हक को सुन सकते हो और तुम हवा को महसूस कर सकते हो, एक खुले हुई डिडरकी के पास खड़े हो जओ और हवा को अपने चेहरे को खून दो. सेम. अंधी ही या रधीरे बहती पकन हवा हर बल तुम पंखा चला कर या फिर कपड़े या कागज के टुकड़े को हिला कर हवा को चला सकते हो.

लेखक आर्थर-Arthur
भाषा हिन्दी
कुल पृष्ठ 17
Pdf साइज़1.4 MB
Categoryबाल पुस्तके(Children)

हवा को महसूस करो Hava Ko Mahsoos Karo Book/Pustak Pdf Free Download

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