सम्पूर्ण श्री गर्ग संहिता | Garg Sanhita Gita Press Hindi PDF

गर्ग संहिता गीता प्रेस – Garg Samhita Press Book/Pustak PDF Free Download

पुस्तक का एक मशीनी अंश

किताब में दिए सभी खण्ड

  • गोलोकखण्ड
  • श्री वृन्दावन खण्ड
  • गितिराज खण्ड
  • माधुर्य खण्ड
  • श्री मथुरा खण्ड
  • द्वारका खण्ड
  • विश्वजीत खण्ड
  • श्री बलभद्र खण्ड
  • श्री विज्ञान खण्ड
  • अश्वमेघ खण्ड

विषय सूची

  1. गरुडके भयसे कालियका यमुना-जलमें निवास
  2. श्रीराधा-कृष्णका प्रेमप्रसङ्ग
  3. तुलसी-माहात्य और श्रीराधाद्वारा तुलसी सेवन
  4. श्रीकृष्णका गोपदेवी-रूप-धारण
  5. श्रीकृष्णके द्वारा गोपदेवीरूपसे श्रीराधाके प्रेमकी परीक्षा तथा श्रीराधाको श्रीकृष्णका दर्शन
  6. श्रीराधा और श्रीकृष्णका परस्पर शृङ्गार धारण तथा रासक्रीडा
  7. श्रीकृष्णका अन्तर्धान होना
  8. श्रीकृष्णका प्रकट होकर गोपियोंको नारायण
  9. स्वरूपके दर्शन कराना तथा यमुना-बिहार
  10. श्रीकृष्णके द्वारा शङ्खचूडका उद्धार
  11. मयको बल्वलका समझाना, बल्वलकी युद्धघोषणाः
  12. समस्त दैत्योंका युद्धके लिये निर्गमन; विलम्बके पालको मन्तिपुत्रों का विवेकपूर्वक धैर्य बँधाना
  13. श्रीकृष्णकी कृपासे दैत्यराजकुमार कुनन्दनके जीवनकी रक्षा
  14. दैत्यों और यादवोंका घोर युद्ध; बल्वल, कुनन्दन तथा अनिरुद्धके अद्भुत पराक्रमः
  15. बल्वलके चारों मन्त्रिकुमारोंका वधः बल्वलद्वारा मायामय युद्ध तथा अनिरुद्धके द्वारा उसकी पराजय
  16. श्रीकृष्णपुत्र सुनन्दद्वारा दैत्यपुत्र कुनन्दनका वध
  17. यादवोंका घोर युद्ध, दीप्तिमान्‌का शिवगणोंको मार भगाना और अनिरुद्धका भैरवको जृम्भणास्त्रसे मोहित करना कारण सैन्यपालके पुत्रका वध तथा दुःखी सैन्य
  18. भगवान् शिवका अपने गणोंके साथ बल्वलकी ओरसे युद्धस्थलमें आना और शिवगणों तथा
  19. नन्दिकेश्वरद्वारा सुनन्दनका वधः भगवान् शिवके त्रिशूलसे आहत हुए अनिरुद्धको मूर्च्छा;

राजाद्वारा यज्ञमें विभिन्न बन्धु-बान्धवोंको भिन्न-भिन्न कार्योंमें लगाना; श्रीकृष्णका ब्राह्मणोंके चरण पखारना; घीकी आहुतिसे अग्निदेवको अजीर्ण होना;

यशपशुके तेजका श्रीकृष्णमें प्रवेश; उसके शरीरका कर्पूरके रूपमें परिवर्तन; उसकी आहुति और यज्ञकी समाप्तिपर अवभृथस्नान

ब्राह्मण भोजन, दक्षिणा-दान, पुरस्कार वितरण, सम्बन्धियोंका सम्मान तथा देवता आदि सबका अपने-अपने निवास स्थानको प्रस्थान

श्रीकृष्णद्वारा कंस आदिका आवाहन और उनका श्रीकृष्णको ही परमपिता बताकर इस लोकके माता-पितासे मिले बिना ही वैकुण्ठ लोकको प्रस्थान

गर्गाचार्यके द्वारा राजा उग्रसेनके प्रति भगवान् श्रीकृष्णके सहस्त्रनामोंका वर्णन

कौरवोंके संहार, पाण्डवोंके खर्गगमन तथा यादवोंके संहार आदिका संक्षिप्त वृत्तान्त श्रीराधा तथा व्रजवासियोंसहित भगवान् श्रीकृष्णका गोलोकधाममें गमन

लेखक गीता प्रेस-Gita Press
भाषा हिन्दी
कुल पृष्ठ 567
Pdf साइज़72.5 MB
Categoryधार्मिक(Religious)

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