अंतरीक्ष यात्रा की कहानी | Antariksh Yatra Ki Kahani

अंतरीक्ष यात्रा की कहानी | Antariksh Yatra Ki Kahani Book/Pustak Pdf Free Download

पुस्तक का एक मशीनी अंश

यह उपकरण-समूह राकेट छोड़ने के काम का नियन्त्रण और निगरानी करने वाली प्रणाली है और पास की धूल रहित वातानुक्रमित इमारत में रखा होता है। इसी प्रकार अपोलो अन्तरिक्ष यान के हर कल-पुणे की भी बारीकी से लगातार जाँच और देखभाल की जाती है।

अब, अष्यंधर संयोजन भवन की ऊची सत बाली कविकार्थी में से एक के भीतर सैटर्म-8 सीधा खड़ा किया जाता है यह भवन मनुष्य द्वारा बनायी हुई इमारतों में से संसार में सबसे बड़ा है।

इसे बड़ा बनाने की जरूरत भी बी सैंटर्न गतिवद्ध क की पहले खंड की पाच विदाल- काय पेटियों के तले से मोचन स्तम्भ (एस्केप टावर) के ऊपरी तिरे क यान की कुल ऊंचाई 380 फुट होती है । मोचन स्तम्भ, सैटर्न के असर के सिरे पर टिके अपोलो अन्तरिक्ष यान से भी अपर की ओर निकला होता है।

यह कुल ऊंचाई, अमरीका में स्थापित स्वतंत्रता की प्रतिमा की नीचे से मशाल के सिरे तक की ऊंचाई से कहीं ज्यादा है। फिर भी सेटन-अपोलो का जोड़ा ऊम्वाचर संयोजन भवन के भीतर विलुल ठीक पा जाता है और तब भी +1फी जगह बची रह्ती है

सच बात तो यह है कि निकायों में इतनी पर्याप्त जगह होती है कि कई सैटर्न- गतिवद्ध को को जोड़ने और उनकी जांच का काम एक साथ लिया जा सकता है।मरीका मे प्रपात (ब्रस्ट) पैदा करने वाली घब तक जितनी मथीन बनायी है,

उनमें यह विद्यालकाय संटर्न- सबसे बड़ा और सबसे स्तनी है देशभर में फैले सेकड़ों कारखानों में काम करने वाले हजारों स्वीयुस्यों ने इसके बनाने में योगदान किया है। अपने सिर पर अन्तरिक्ष यान से उस वह तीन खंडों का गतिबद्ध क मार्केट कन। क अमुख अस्तु है।

लेखक विद्यासागर-Vidyasagar
भाषा हिन्दी
कुल पृष्ठ 78
Pdf साइज़4.9 MB
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