बरेलवियत | Barelviyat

बरेलवियत | Barelviyat Book/Pustak Pdf Free Download

पुस्तक का एक मशीनी अंश

शहीदे इस्लाम अल्लामा एहसान इलाही ज़हीर रहिम० की यह किताब भी बाकी किताबों की तरह कुव्वते इस्तिदलाल और इस्लामी आत्मग्लानि का दर्पण है

शिक्षा के साथ बरेलवी शिक्षाओं के प्रचार प्रसार और लोक प्रियता में यद्यपि बड़ी कमी आयी है मगर इसका एक नुकसान यह भी हुआ कि आधुनिक वर्ग धर्म से दूर होता चला गया,

आधुनिक वर्ग ने जब इस्लाम के नाम पर बिदअत व बुराइयों को होते हुए देखा तो उसने तहकीक के बजाए यह सोच लिया कि शायद इस्लाम इन्हीं सब चीज़ों का नाम है।

अतएँव बरेलवी विचार धारा ने नयी नस्ल को इस्लाम से दूर करने अनेश्वर वाद का नसीहत करता की गोद में फेंक दिया। इन हालात में किसी ऐसी किताब की बड़ी सख्त ज़रूरत थी

जो नयी नस्ल और आधुनिक शिक्षा प्राप्त वर्ग को यह बतलाती कि वह शिर्क वाले कामों तथा बिदअतों को जिनको तुम अपने आस पास देख रहे हो इनका किया जाना यद्यपि धर्म के नाम पर हो रहा है

मगर किताब व सुन्न की पाकीज़ा शिक्षाओं का उसे कोई सम्बन्ध नहीं | अल्लामा साहब की यह किताब इस ज़रूरत को पूरा करने का एक अल्लामा रह० इस किताब में एक ऐसा अध्याय भी शामिल करना चाहते थे

जो रज़ा खानी फिक्ह के कुछ ऐसे मसाइल पर आधारित था जो खेल मानसिक वासना की पूर्ति के लिए ही लिखे गए हैं लेकिन नैतिकता का तकाज़ा था कि उनको इस किताब का हिस्सा न बनाया जाए।

आप फरमाते थे कि अरबी भाषा उन अश्लील मसाइल के योग्य नहीं है वे सारे हवाले व लेख मेरे पास सुरक्षित हैं। उर्दू अनुवाद करते समय में भी इसी नतीजे पर पहुंचा हूं कि उनके उल्लेख की जरूरत महसूस हुई

तो इन्शाअल्लाह अगले एडीशन की भूमिका में उनका उल्लेख कर दिया जाएगा। अनुवाद करते समय मैंने अरबी इबारतों का अनुवाद करने के बजाए बरेलवी हज़रात की अस्ल किताबों की इबारतों को ही नकल कर दिया है

लेखक इलाही ज़हीर-Elahi Zaheer
भाषा हिन्दी
कुल पृष्ठ 293
Pdf साइज़5.5 MB
Categoryधार्मिक(Religious)

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