योग के नाम पर मायाचार | Yog Ke Naam Par Mayachar

योग के नाम पर मायाचार | Yog Ke Naam Par Mayachar Book/Pustak PDF Free Download

पुस्तक का एक मशीनी अंश

योग के नाम पर मायाचार

सत्य की शोष के लिये सुदूर स्थानों में जो पर्यटन हमने किया है उसमें सत्पुरुष और सच्चे महात्माओं का अनुग्रह प्राप्त किया है, यहाँ धूर्त लोग भी कम नहीं मिले हैं ।

इन लोगों का वैभव काफी बड़ा देखा है । हजारों-लाखों रुपयों की गुप्त प्रकट सम्पत्तियाँ उनके पास देखी हैं । इन लोगों के रहस्यों का पता करना सहज काम नहीं है ।

भोले-भाले लोग तो इनके चंगुल में ऐसे कैंस जाते हैं कि जन्म भर उनसे छूट नहीं सकते। काफी सतर्कता और सूक्ष्म बुद्धि द्वारा बहुत दिन बारीकी के साथ निरीक्षण करने पर ही कुछ पता चल पाता है ।

हमें इस प्रकार के जो भेद मालूम हुए हैं पाठकों के सामने उपस्थित कर रहे हैं । अब तक इन भेदों को हमने बहुत गुप्त रखा था । कारण यह या एक बार एक व्यक्ति से हम इन भेदों की चर्चा कर रहे थे,

तो वह बहुत प्रभावित हुआ । मजाक में नहीं वरन बहुत ही गम्भीरता से उसने कहा- यदि आप इस प्रकार की दस-पाँच विद्यायें मुझे सिखा दें तो मैं एक-दो वर्ष में ही लाखों रुपये कमा सकता हूँ।

उस वक्त हम चुप हो गये दूसरे दिन वह आदमी फिर हमसे बहुत गम्भीरतापूर्वक मिला और अपनी पूरी योजना बनाकर लाया । उसने कहा कि आप पाप पुण्य से डरते हैं तो आप अलग रहिये,

मुझे वह सब सिखा दीजिये, आमदनी का आधा भाग में आपको देता रहूँगा । किसी को पता भी न चल पायेगा और आप लक्षाधीश बन जायेंगे । कुछ ही दिनों में इस प्रस्ताव ने हमारे मस्तिष्क में एक नयी सावधानी पैदा होगी।

लेखक श्री राम शर्मा-Shri Ram Sharma
भाषा हिन्दी
कुल पृष्ठ 50
Pdf साइज़2.8 MB
Categoryसाहित्य(Literature)

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