गोपनीय एवं अद्भुत शाबर मन्त्रों का दुर्लभ संग्रह एवं प्रयोग विधि – Shabar Mantra Sagar PDF Free Download

सर्प-विषहर मन्त्र
दुरहादह खुदादह दुरहादह रसूलदह दुरहादह खुदादह खुदाशेख मोहम्मद अर्बीदह।
सवा लाख बार जप को चालीस दिन में पूरा करे। कम दिनों में जप पूरा हो जाय तो ठीक है, परन्तु अधिक दिन भी नहीं लगने पाये। इसको सिद्ध करने की बहुत सरल विधि होती है, कोई भी आदमी आसानी से सिद्ध कर सकता है। इसके जप करने के दिनों में शरीर को शुद्ध रखकर स्त्रीप्रसंग, मांस, मदिरा आदि चीजों का त्याग कर व्रत का पालन करना होता है। इसके द्वारा जो भी चिकित्सा करता हो, उसे सदा कर्त्तव्य पालन करना चाहिये।
जैसे कि मन्त्रसिद्धि साधित करने वाले आदमी के पास जो भी रोगी या रोगी से सम्बन्धित आदमी खबर लाये कि अमुक जगह, अमुक आदमी को सांप ने काट लिया है, आपको वहाँ चलना होगा और चिकित्सा करनी होगी तो उस आदमी को तुरन्त ही उसी समय स्वयं का कितना ही काम महत्व का क्यों न हो, उसे छोड़कर जाना चाहिये और चिकित्सा करनी चाहिये। ऐसा करने से मन्त्र में बल आता है और शीघ्र ही रोगी ठीक होता है। प्रतिदिन प्रातःकाल स्नान करके और पवित्र वस्त्र पहनकर व मन को शुद्ध रखकर पहले कोई भी दरूद ११ दफे पढ़े।
फिर बिसमिल्लाईरहमानई रहीम कहकर अन्दाजन तीन हजार दो सौ बार के करीब ऊपर के मन्त्र को पढ़कर पुनः ग्यारह बार दरूद पढ़कर अपने सीधे हाथ पर एक फूल मारकर उठ बैठे। दस-बीस दिन जप करने के उपरान्त ही साँप काटे का रोगी मिल जाये तो उस पर भी झाड़ दे, ईश्वर की कृपा से उसको आराम होगा।
योनिशोधन
नीम के क्वाथ से योनि का प्रक्षालन करना चाहिये। अथवा नीम, हल्दी, घी, काला अगरु तथा गुग्गुलु – इन्हें आग में धूपित कर योनि में इनका धूप देने से स्त्री अपने पति की प्रसन्नता प्राप्त करती है।
लिंग-उत्थापन
१. भुईचम्पे की जड़ तथा सुपारी को समान भाग में ग्रहण कर खाने से अतिशीघ्र लिंगोत्थान होता है।
२. शिव, दुर्गा तथा गणपतिदेव का विधिवत् पूजन कर रात्रि में लाल सेमल की जड़ को आमंत्रित कर दे। अगले दिन प्रातःकाल लाल सेमल की छाल लाकर उसे सुखाने के पश्चात् चूर्ण बना ले।
| Language | Hindi |
| No. of Pages | 646 |
| PDF Size | 655 MB |
| Category | Literature |
| Source/Credits |