आरोग्य निधि | Arogyanidhi PDF In Hindi

आरोग्य निधि – Arogyanidhi Book/Pustak PDF Free Download

पुस्तक का एक मशीनी अंश

क वर्ष पहले त्पा हाथी] की में अप करने से लिए कमीशन बनाया गया कि इसमें कितनी दवाइयाँ जमी है और मिसनी जनी है विदेश पारियों का गुलफा लिए हो रही Name or कोजो रिपोर्ट दी, उसमे बेयस 117 दवाइयों

की जाती थी और 8400 दवाइयां मिलन कितने थे देश क्या भारत में ुफ कमा के लिए ही और अपने ही देश के कुछ डॉक्टर संभवत इस पार हयोग कर हे थे।पेरासिटामोल नाई.किसे भोग सुखकार को तुरंत दूर करने के लिए

या गमा मादती लिए प्रयोग कर रहे हैं, वही दगाई जापान में पोसियों का कारण पारित करके प्रतिबन्धिाकर गयी है। उसके बावजूद भी प्रजा का प्रतिनिधित्व करनेवाली सरकार मातम देखते हुए शायद केवल अपन ही क्षित देख रही है।

सरकार कुछ को या न करे मेकिन आपको अगर पूर्ण रूप से स्वस्थ बना है तो आप हम जहरीली दवाइयों का प्रयोग बंद करें और कमजाय। भारतीय संस्कृति मे मेआयुर्द के जो मिटर औषधियों की टकी उन्हें अपनाये।

साथ ही आपको यह भी जान होना चाहिए किशति की दवाइयों के रूपमें आपको प्राणियों का मांस, रक्त, मछली आदि खिलाये जा रहे हैं जिसके कारण आपका संकल्पक कम हो जाती है। जिससे साधना में बरकत नहीं जाती।

इससे आपका जीवन को हो जाता है। एक संशोधनकता ने बताया कि बुफेन नामक दवा जो आप लोग को पास करने के लिए जा रहे है उसकी केवल मिलीग्राम मावाद निवारण के लिए पर्याप्त किरी आपको 250 मिलीग्राम या इससे दुगनी मात्रा दी जाती है।

यह अतिरिकत माয় आपने यकृत और गुर्द को बहुत हानि पहुंचाती है। साथ में आप साइट इक्टस स शिकार होते है हजरूरत पाव भरने के लिए प्रतिजैविक (एन्टीबायोटिकम) अंदेशी दवाइयों की नहीं है। किसी प्रकार का प्राव हुआ हो, टकि लगवाये हो या न लगवाय ही क्रिया (ऑपरेशन) का न हो, अदल्ली पार हो या बाह

लेखक
भाषा हिन्दी
कुल पृष्ठ 169
Pdf साइज़2.2 MB
Categoryस्वास्थ्य(Health)

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