गुरु ग्रन्थ साहिब सर्व मानव जाति के गुरु | Guru Granth Sahib Sarv Manav Jati Ke Guru

गुरु ग्रन्थ साहिब सर्व मानव जाति के गुरु | Guru Granth Sahib Sarv Manav Jati Ke Guru Book/Pustak PDF Free Download

पुस्तक का एक मशीनी अंश

अगर तुमने परमात्मा के गुण कभी नहीं गाए तो तुमने अपना मानव जीवन बेकार कर दिया है । नानक कहते हैं कि हे मन ! परमात्मा का भजन किया करो और उसको ऐसे जिंदगी का सहारा बनाओ

जैसे पानी को मछली अपनी जिंदगी का सहारा बनाए रखती है तुम संसारिक पदार्थों में क्यों इतना मस्त रहते हो ? तुम एक क्षण के लिए भी इन पदार्थों से अपना मन नहीं हटाते ।

नानक कहते हैं, हे मन ! परमात्मा का भजन किया कर। भजन की बरकत से तू जन्म मृत्यु के चक्कर से बाहर आ जाएगा 121 नानक कहते हैं, हे मूर्ख प्राणी तू क्यों परमात्मा का भजन नहीं करता ?

देख, तू अब बूढ़ा हो गया है पर तुझे अब भी ये समझ नहीं आई कि मौत सिर तक आ पहुंची हे 141 नानक कहते हैं, धन दौलत, स्त्री, संपत्ति इन सब को अपना मत मान।

यह बात तू समझ कि इन सभी में से कोई भी लेरा साथी नहीं बन सकता (परमात्मा को पाने के लिए) 151 नू उस परमात्मा का भजन किया कर जिनके नाम की आराधना करने से ऊंची आत्मिक अवस्था प्राप्त होती है ।

नानक कहते हैं कि आयु लगातार कम होती जा रही है परमात्मा का नाम निरन मत भूल 101 जिस मनुष्य के हृदय को सुख दुख नहीं सकता लोभ, मोह, अकार नहीं सकता,

नानक कहने में वह मनुष्य परमात्मा का रूप 13 जिस मनुष्य का मन उसत्त निंदा से नहीं डोलता जिसको सोना और लोहा एक जैसे दिखाई देते हैं, जो लालच में नहीं आता,

नानक कहते हैं यह बात अच्छी तरह जान ले कि उसको मोह से छुटकारा मिल चुका । मनुष्य किसी को ना तो डराता है और ना किसी का डर मानता है।

लेखक गुरु ग्रन्थ साहिब-Guru Granth Sahib
भाषा हिन्दी
कुल पृष्ठ 17
Pdf साइज़4.6 MB
Categoryसाहित्य(Literature)

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