नात शरीफ | Naat Sharif Lyrics PDF in Hindi

‘नात शरीफ हिंदी में लिखी’ PDF Quick download link is given at the bottom of this article. You can see the PDF demo, size of the PDF, page numbers, and direct download Free PDF of ‘Naat Sharif Lyrics’ using the download button.

नात शरीफ बुक हिंदी – Naat Sharif Lyrics Book PDF Free Download

naat-sharif

नात शरीफ कव्वाली हिंदी

जिंदगी अपनी यू खुशनुमा कीजिए

जिक्रे अहमद हमेशा किया कीजिए

दर्स हमको मिला ये नबी पाक से

दुश्मनों के भी हक में दुआ कीजिए

कामयाबी की कुंजी अगर चाहिए

सरवरे दीन से राब्ता कीजिए

वह सफायत करेंगे यकीनन मगर

आप पाबंदे सुन्नत रहा कीजिए

लज़्ज्ते ज़िक्र का फिर मजा आएगा

पहले दिल को बलाली बना लीजिए

हर बला सर से चलती रहेगी सदा

सानी सजदा खुशी से दिया कीजिए

नूरुद्दीन सानी

नाते पाक

ऐ कलम तू सबसे पहले अहमदे मुख्तार लिख

फिर इमाम उल अंबिया के शीरतो किरदार लिख

हर तरफ फैला उजाला मुस्तफा की जात से

ताजदार ए अंबिया को मरकज ए अनवार लिख

मजहब ए इस्लाम की खातिर हुए कुर्बान जो

जांनिसार ए कर्बला का जज्बा ए ऐसार लिख

नात लिखने की अगर ख्वाहिश है ऐ मेरे अजीज

मिद्हते सरकार में डूबे हुए अशआर लिख

चार यार मुस्तफा का नाम गर पूछे कोई

बू बकर, फारुक उस्मां, हैदर ए किरदार लिख

और कुछ भी लिख न लिख ऐ कातिबे तकदीर तू

मेरी किस्मत में रसूले पाक का दरबार लिख

शाह ए दीं फखरे दो आलम की मुकद्दस ज़ात को

ऐ बशर तू दो जहां का मालिको मुख्तार लिख

क्या पूछते हैं शान और अजमत हुजूर की

दोनों जहां बने हैं बदौलत हुजूर की

चूमेगी कामयाबी कदम उसका बिल्यक़ीं

अपनाई जिस किसी ने भी सीरत हुजूर की

जब नबी को सीने में महफूज कर लिया

बख्शीश को मेरे काफी है उल्फत हुजुर की

अहले जमीन से वस्फ़े नबी क्या बयान हो

अर्शे बरीं पे होती है मिद्हत हुजूर की

बेखौफ होके गुजरेगा पुले सिरात से

रखता है जो भी दिल में अकीदत हुजूर की

कुंजी तो मगफिरत की है दस्ते हुजूर में

करते हैं लोग फिर भी अहानत हुजूर की

मोहकम यकीन रखिए बशर उनकी जात पर

मिहशर में काम आएगी शफकत हुजूर की

बशर रहीमी, महुआ, वैशाली, बिहार

नात ए पाक

सारे जहाँ में हैं वही फ़रज़ाने या नबी।

जो हैं तुम्हारे नाम के दीवाने या नबी।

मस्ती में झूम जायेंगे मस्ताने या नबी।

कौसर के जब लुटाओगे पैमाने या नबी।

बेनूर आसमान था बेरंग यह जहां।

आ कर सजाए आप ने वीराने या नबी।

हम पर निगाह कीजिए दर पर बुलाइए।

बनने लगे असीरी के अफ़साने या नबी।

सुन्नत से दूर हो गए हम जब से आपकी।

दिल हो गए हमारे ये ज़म ख़ाने या नबी।

सब कुछ मिला है आपके सदक़े में जब हमें।

कैसे अदा हों आप के शुक्राने या नबी।

हो जाऐं तिशना खाब मुकम्मल फ़राज़ के।

इस पर खुलें जो दीद के मयख़ाने या नबी।

सरफ़राज़ हुसैन फ़राज़

मुरादाबाद उत्तर प्रदेश

Author
Language Hindi
No. of Pages13
PDF Size0.3 MB
CategoryArt
Source/Creditspdffile.co.in

नात शरीफ बुक हिंदी – Naat Sharif Lyrics Book PDF Free Download

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!