यूरोप की भक्त स्त्रियाँ | Europe Ki Bhakt Striya

यूरोप की भक्त स्त्रियाँ | Europe Ki Bhakt Striya Book/Pustak Pdf Free Download

पुस्तक का एक मशीनी अंश

एडिशावेषो विषयमें एक बहुत कथा प्रचलित है । फहवे है कि सन् १२०६ ई० में सैवसमी (snxony-Germany) की राजसभामें एक भविष्यद्वक्ता ज्योतिषीने आफर

गम्भीर-स्वरसे का कि इंगी (Bangary) देशमें एक ऐसा सवयल नक्षत्र उदय होगा, जिसके प्रग्बर प्रकाशसे तुम्हारा सारा देश जगमगा उठेगा इस घठनाफे योडे हाँ दिनों वाद सन् १२०७ ई० में हंगीके

राबा एण्डूच (Andrew) के घर राजण्त “खिजायेयका जन्म हुआ । इस राजवंशम पहले बहुत-से धार्मिक पुरुष हो चुके थे । उसी परम्परा के प्रभावसे एख्यिावेथके माता-पिताके के साथ बड़े ही उच्च और धननय थे ।

इसीसे उन्होंने आरम्भसे ही शिशु-बालिका एग्जिावेथके हदयमें सचे पारमार्थिक भावोंका श्रीवारोपण कर एवं यन्त्रपूर्वक अच्छी धार्मिक शिक्षाद्वारा उन्हें अंकुरित और पल्टव पुष्य-समन्वित करना शुरू कर दिया ।

साधारण वालकोंको जैसे सांसारिक काहानियाँ सुननेमें आनन्द मिलता है वैसे हो वाला एछिडावेपको ईश्वर-सम्बन्धी बातें अच्छी लातों और बह भगवान् की पवित्र लीखाओंको मुनकर आनन्द से हद हो जाती ।

दरिद्र और दीन-दुखियोंको देज वालिकाका हृदय दयासे पिघल जाता और वह आँखोंसे आँसू बहाने लगती । यह देखकर लोग कहते कि सचमुच यह मानवी नहीं, देवी है।

सैक्सनीके प्रतापी और धार्मिक राजा हरमैन ( Hermanr) ने हंगरीकी राजकुमारौ एठिकावेयकी मॉति-माँतिसे प्रशंखा सुमी बरधूोल व्योतिषीको कही ई बातें पादकर एक्नृयेयको धुज्न बनानेका छ विचार कर छिया ।

राजकुमार राई (Monia) के पवित्र और मथुर खभाव लया सदगुणावळी के कारण एलिबृावेষ- के साथ उसका सम्बन्ध सोने में सुनन्धकी तरह कन्दर समझकर राजा हरमैनचे कई ऊँचे वरानेकी चियांको

उचित कैसे समझा- बुझाकर अपने प्रतिष्ठित दरबारियोंके साथ हंगरी के राजा एंड के पास इस कार्यके लिये भेना । इन लोगोंने वहाँ पहुँचकर उचित अधिवादनके अनन्तर राजा एण्डूब की सेवामें सैक्सनी किया ।

लेखक हनुमान प्रसाद-Hanuman Prasad
भाषा हिन्दी
कुल पृष्ठ 108
Pdf साइज़2.9 MB
Categoryआत्मकथा(Biography)

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