वन्दे मातरम | Vande Matarm

वन्दे मातरम | Vande Matarm Book/Pustak Pdf Free Download

पुस्तक का एक मशीनी अंश

मिठाइयां एक तिपाई पर रख देता है। वह कुर्सी प्रागे खिसका कर उस पर बैठ जाता है। लड़की मुख देखती हुई उसके समीप था सड़ी होती है। सड़का अभी उद्विग्न मन कुछ अन्तर पर खड़ा रहता है। वृद्धा भी हाथ का स्वेटर एक और रख देती है और कुर्सी के पीछे पा खड़ी होती है।

वृद्ध व्यक्ति कुर्सी पर बैठ कहता है। ) वृद्ध हां, सरस्वती ! बोलो, क्या कहती हो ?सरस्वती बावा! मैंने कहा है, जब भारत ने भारत माता का सिर फोड़ दिया है तो मैं करो जय मनाऊं ?वृद्ध-हां! मैं कैसे जय मनाऊं ?

(लड़की कुछ कहने लगती है, परन्तु वृद्ध हाथ के संकेत से उसे चुप कराता हुआ कहता है। ) वृद्ध-सुनो, मैं कैसे जय मनाऊं ? तुम घायल हो माता । दुखिया भारत माता वृद्ध गाने लगता है । लड़की घुणा पूर्वक अपने भाई की प्रोर देख यहती है। )

सरस्वती-4 कैसे जय मनाऊ? (अब वाया पौर पोती दोनों गाने लगते हैं ।) हम कैसे जय मनायें ? तुम घायल हो माता। दुखिया भारत माता ॥ (वृद्ध पागे गाता है और बच्चे उसका मुख देखते हैं।)

पंजाब भाल विशाल, तव बाम प्र बंगात। रस्त जिन विहाल चिराग राग गाता ।। स्वयं किरीट हिमाचल दो टुक हुआ तेरा। है पायल वक्षःस्थत मुन से है नह शता ।। हम कैसे उस बनाये तुम पायल हो माता । दुखिया भारत माता।।

अब वाणी है नवीन, मुख इआ भोज विहीन । अब बेराम सोता हैं, थी महारानी सीता ।। है नाम मिटा जग से, इण्डियन यूनियन हो। सुन्दर साड़ी से तो है पंण्ट कोट भाता ।। हम कैसे जय मनायें तुम घायल हो माता । दुखिया भारत माता

लेखक गुरुदत्त-Gurudatta
भाषा हिन्दी
कुल पृष्ठ 134
Pdf साइज़5.3 MB
Categoryनाटक(Drama)

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