Selections From Hindi Literature Book 1 Bardic Poetry

Selections From Hindi Literature Book/Pustak Pdf Free Download

पुस्तक का एक मशीनी अंश

अमम अठेल अभंग नौर असि मौर समाहिय। अति दल बल आहुटि पच्छ लज्जा पर वाहिय ॥ रज तज्ज रज्ज मुक्किन रह्यो रजन लग्गि रज रज भयो। उच्छंगन अच्छर सो लयो देव विमानन चढ़ि गयौ ॥२॥ परि पतंग जै सिंघ पतंग अप्पुन तन दर्झ ।

इन नव पतंग गति कौन करे अरि अरिधज धज्जै ॥ उह तेलठांम बात्तौ अगत्रि एकल विरुभझइय । इह पंच अप अरि पंच पंच अरि पंथ लगाइय॥

आरती कृ आ रे बर बग्यो दै दाहन टुज्जन दवन । जीतव असुर महि मंडलह और ताहि पुज्जे कवन ॥३॥ सुप्पौ बोर पंडित फिरो पारस सुरतानो। शस्त्र बोर चमकंत तेज आरुहि मिरठानी ॥ टोप ओप तुटि किरच मार सारह जरि भारे। मिलि नक्षत्र गेहनी मोम समि उडगनच। रे ॥

उठि परत भिरत भंजत अरिन जे जे जे सुरलोक हुआ। उठ्यो कमंध पन्नपंच चव कोन भाइ कप्पो जु धुप ॥६.४॥ दुजन मल करंभ बंध पन्हन सकारिय

कबिल पौल जनु कन्ह दंत दारुन गहि नये सुण्ड दण्ड भये षण्ड पीलवानं गज मुक्यो। गिह सिडि बेताल पारपिन पल रुक्यो । बर बीर पम्खो भारष्य बर लोह लहरि लगात झुल्या।

तत्तारषान सम्हे सु क्रत मिंध हक्कि अग्बर डुल्पो ॥८ ॥ पोलि पम्ग नरसिंध पि्झि पल सौसर भदौरिया । तुटि धर धरनि परेत परत संभरि कहानिया ॥ चरन अन्त उरझंत बोर कूरंभ करारो। तेग घार नुवंत झरी झर लोर संभारी॥

चलि गयो न क्रमन क्रम्मन चले डुल्यो न डुल तन हष्यवर । तिन परत बौर दाहर तनो चामंडा बज्जी लहर 12८॥ भुजंगौ। छुटी छंद निच्छंद मीमा प्रमानं । मिली दालनी मालराही समानं ॥

निमामान नोमान नौमान धूप। जमलोक न शिवपुर ब्रह्मपुर भान धान भान मियी।॥१०१॥ तन झंझरि पावार पखौ धर मुच्छि घटियबिय । बर अच्छर बिंटपी सुरंग सुक्के सुरंग हिय ॥

लेखक लाला सीता राम-Lala Sita Ram
भाषा हिन्दी
कुल पृष्ठ 345
Pdf साइज़15 MB
Categoryसाहित्य(Literature)

Selections From Hindi Literature Book 1 Bardic Poetry Book/Pustak Pdf Free Download

Leave a Comment

Your email address will not be published.