पवित्र वेद और इस्लाम धर्म | Pavitra Ved Aur Islam Dharm

पवित्र वेद और इस्लाम धर्म | Pavitra Ved Aur Islam Dharm Book/Pustak Pdf Free Download

पुस्तक का एक मशीनी अंश

लेकिन ईश्वर के कुछ ऐसे नाम भी हैं, जो उसकी स्वभाव (Features) के अनुसार है जैसे, ‘मीम’ अर्थात अत्याधिक दया करने वाला। ‘गपूर अर्थात काम करने वाला।कभी कभी ईश्वर अपने उन नामों से जो उसके गुणों के अनुसार है,

उन पैगवरोको भी याद करता है, जिनमें यह गुण है। जैसा कि पवित्र कुरआन में हजरत मुहम्मद (स.अ.) को ‘रहीम’ और गपूर के नाम से याद किया है। (पवित्र कुरान 90१२८) क्योकि हजरत मुहम्मद (स.) बहुत ही दयालू और मा करनेवाले थे।

इसी प्रकार हिन्दू धार्मिक ग्रन्थों में ईश्वर ने त से पैगंबरों को अपने ही नामों से याद किया है, उदाहरणात हरिवंश पुराण में ऐसा ही कि दिया ने अपने शरीर के दो भाग किए। एक भाग पुरुष का दूसरा भाग का बन गया।

यही बात दिम और बाइबल में भी है, जिस आदम (अ.स.) गररे पापी और न ) से त ।तो होरियं र में जिसे अपना गया है, हस.) ने अपने पुत्र अथर्वा की बलि (कुर्वानी) दी। यही बात पवित्र कुरान में है, कि हज़रत इबाहीम

(अ.स.) ने अपने पुत्र हजरत इस्माईल (अ.स.) की कुर्बानी दी थी (पवित्र कुरान ३७:१०९) और इसी प्रकार बाइक्त में भी हजरत इब्राहीम (अ. स.) के दारा किए गए कुर्वानी का वर्णन है (Genesis-220 तो अथर्ववेद में

जिसे ब्ह क गया है यह स्वयं ईश्वर नहीं बल्कि हज़रत इब्राहीम अ.स.)आपको यह पढ़कर बहुत आश्चर्य हुआ होगा इसलिए हम इस प्रसंग पर कुछ और वर्णन प्रस्तुत करने का प्रयत्न कर रहे हैं। हजरत इमाडीम (अ. स.) को सभी

धर्म के लोग हज़रत आदम और हजरत नूह के पश्चात बहुत से पैगवरों के पिता मानते हैं और बहुत आदर करते है ।हजरत इमाम (अ.स.) एक मके पुन थे। बचपन से ही वह एक ईश्वर को मानते थे।

लेखक Q.S Khan
भाषा हिन्दी
कुल पृष्ठ 74
Pdf साइज़8.3 MB
Categoryधार्मिक(Religious)

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