कहानियों की झोली | Kahaniyon Ki Zholi

कहानियों की झोली | Kahaniyon Ki Zholi Book/Pustak Pdf Free Download

पुस्तक का एक मशीनी अंश

फिर एक दिन जंगल में एक शिकारी आया.उसने अपना धनुष उठाया और चिड़िया का निशाना साधा.चींटी ने जब यह देखा तो उसने तुरंत शिकारी के पैर में काटा. शिकारी दर्द से उछला और उससे तीर का निशाना चूक गया, फिर चिड़िया सुरक्षित उड़ गई.

एक घोड़ा था. वो बहुत घमंडी था. उसने एक घोंघा देखा. घोंघे को इतनी धीरे चलते देख, घोड़े ने उसे चिढ़ाया. अरे, घोंघे। क्यों न हम दोनों मिलकर रेस लगाएं?” उसने पूछा.घोघा, घोड़े से काफी नाराज हुआ. चलो ठीक है। हम रविवार को रेस लगाएंगे, घोंघे ने कहा.

फिर घोंघा घर गया और उसने बाकी सभी घोंघो को बुलाया. उसने सभी को रेस के बारे में बताया. उन्होंने घोड़े को हारने की एक योजना बनाई जब रविवार आया तब घोंघे सुबह जल्द ही अपने घरों से निकले.

फिर घोंघे रेस की शुरुआत से अंत तक की लाइन पर थोड़ी-थोड़ी दूरी पर जाकर छिप गए..फिर रेस शुरू हुई. घोड़ा कुछ देर दौड़ा पर फिर उसने अपने सामने एक और घोंघे को देखा. घोड़ा और तेज दौड़ा. पर घोंघा अभी भी उसके आगे था. घोड़े ने अब बहुत तेज़ी से दौड़ना शुरू किया.

घोड़े की भरकस कोशिश के बाद भी घोंघा अभी भी उससे आगे था.अंत में घोड़ा थककर चूर-चूर हो गया और उसने अपनी हार मानी.”चलो मैं हारा,” घोड़े ने कहा.शिकार के बाद शेर आराम करने को लेटा. फिर उसे गहरी नींद आ गई.

तभी एक चूहा अपने बिल में से बाहर निकला. वो सोते हुए शेर पर दौड़ने लगा.फंस गया, उसने जाल में से निकलने की पूरी कोशिश की, पर असफल रहा. फिर शेर जोर-जोर से चाहने लगा.चूहे ने शेर की दहाड़ सुनी. वो दौड़ा-दौड़ा शेर के पास पहुंचा.

लेखक अरविन्द गुप्ता-Arvind Gupta
भाषा हिन्दी
कुल पृष्ठ 200
Pdf साइज़32.4 MB
Categoryबाल पुस्तके(Children)

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