एक दुनिया समानान्तर की कहानिया | Ek Duniya Samanantar Hindi PDF

एक दुनिया समानान्तर की कहानिया – Ek Duniya Samanantar Book/Pustak PDF Free Download

पुस्तक का मशीनी अंश

एक वियेप घवधि में जो भी महत्त्वपूर्ण लिखा गया है, उसे शामिल करके विधा की शतरंजी बुनी जाती है थी बाचस्पति पाठक की ‘इपकीस कहानियाँ

इस प्रकार का एक निर्दोप संकलन है और श्री विमोदरशंकर व्यास ने ‘मधुकरी’ के चार खण्डों में कहानी के क्रमबद्ध इतिहास को देने फा प्रशंसनीय प्रयास किया है।

किसी वर्ष-विशेप या दशक को केंद्र बनाकर भी इतिहास मी फड़ी प्रस्तुत फी जाती है। ‘मुक्त’ द्वारा सम्पादित ‘कहानियां-५५’ और

सत्येन्द्र शरत् का ‘नये पत्ते’ तथा काल खण्डों में निकलने वाले संकलन इस दृष्टि से प्राज की कहानी को पीछे की परम्परा से जोड़ने में अत्यधिक सहायक हैं।

पाठय-क्रमों के अनुसार किये गये संकलनों को मैं जान-बूझकर छोड़े दे रहा हूँ; क्योंकि यहां न संकलनकार का कोई व्यक्तित्व होता है, न विधा-विशेप के प्रति उसका लगाव ।

कोर्स में लगवा ले जाने की क्षमता ही संकलन कर्ता का एकमात्र गुण माना जाता है । इसी में प्रकाश क की सामर्थ्य भी मिलो होती है।

इसी वर्ग में संकलन का एक और क्रम पाया है और किसी अन्य उपयुक्त नाम के प्रभाव में इसे ‘शवयात्रा’ संकलन नाम दिया जा सकता है।

इस प्रकार के संकलनों मे नाम होते हैं, ‘भारत की श्रेष्ठ कहानियां ‘विद्व की महान कहानियाँ’ या ‘ब्रह्माण्ड की काल जयी कहानिया-इनमें घाप देखेंगे कि चैखव, टाल्सटाय,

हैमिग्वे इत्यादि मे बीच संकलनकर्ता श्री छज्जूलालजी की भी एक कहानी फिट है । वस्तुतः यह महान नामों के कन्धों पर अपनी सवारी निकालने की सद्भावना से किये जाते हैं।

विधा यो महत्वपूर्ण कला-उपलब्धियों को स्वयं लेखक या सम्पादकीय चि पौर विवेक से चुनकर एक जगह संकलित परना दूसरा प्रकार है मेरी श्रेप्ठ फहानियाँ ‘स्वतन्त्रता के बाद को सर्वश्रेष्ठ हिन्दी कहानियाँ या मेरी चुनी हुई गहानियाँ” ‘पांच ‘|

लेखक राजेन्द्र यादव – Rajendra Yadav
भाषा हिन्दी
कुल पृष्ठ 410
PDF साइज़ 20 MB
Category कहानियाँ(Story)

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