हिंदी भारतीय मुसलमानो के हिन्दू पूर्वज | Bhartiya Musalmano Ke Hindu Purvaj

हिंदी भारतीय मुसलमानो के हिन्दू पूर्वज | Bhartiya Musalmano Ke Hindu Purvaj Book/Pustak Pdf Free Download

पुस्तक का एक मशीनी अंश

एक चमत्कार किया है वह यह है कि प्रत्येक मुसलमान इस्लाम का मिशनरी भी होता है और योद्धा भी इसलिए जो अरब व्यापारी और नाविक दक्षिण भारत में आए उन्होंने इस्लाम का प्रचार प्रारंभ कर दिया ।

जिस भूमि पर सैकड़ों मत मतान्तर हों और हजारों देवी देवता पूजे जाते हों वहाँ किसी नए मत को जड़ जमाते देर नहीं लगती विशेष रूप से यदि उसके प्रचार करने वालों में पर्याप्त उत्साह हो और धन भी ।

अवश्य ही इस प्रचार के फलस्वरूप हिन्दुओं के धर्मान्तरण के विरुद्ध कुछ प्रतिक्रिया भी हुई और अनेक स्थानों पर हिन्दू मुस्लिम टकराव भी हुआ । क्योंकि शासकों की समृद्धि और ऐश्वर्य मुसलमान व्यापारियों पर निर्भर करता था,

इसलिए इस प्रकार के टकराव में शासक उन्हीं का पक्ष लेते थे, और अनेक प्रकार से उनका तुष्टीकरण करते थें फलस्वरूप हिन्दुओं के धर्मान्तरण करने में बाधा उपस्थित करने वालों को शासन बर्दाश्त नहीं करता था ।

अपनी पुस्तक ” इंडियन इस्लाम ” में टाइटस का कहना है कि ” हिन्दू शासक अरब व्यापारियों का बहुत ध्यान रखते थे क्योंकि उनके द्वारा उनको आर्थिक लाभ होता था और इस कारण हिन्दुओं के धर्म परिवर्तन में कोई बाधा नहीं डाली जा सकती थी ।

केवल इतना हीं नहीं, अत्यन्त निम्न जातियों से धर्मान्तरित हुए भारतीय मुसलमानों को भी शासन द्वारा वही सम्मान और सुविधाएँ दी जाती थी जो इन अरब ( मुसलमान ) व्यापारियों को दी जाती थी।

ग्यारवीं शताब्दी के इतिहासकार हदरीसों द्वारा बताया गया है कि ” अनिलवाड़ा में अरव व्यापारी बड़ी संख्या में आते हैं और वहाँ के शासक और मंत्रियों जरा उनकी सम्मानपूर्वक आवभगत की जाती है और उन्हें सब प्रकार की सुविधा और सुरक्षा प्रदान की जाती है

लेखक पुरुषोत्तम-Purushottam
भाषा हिन्दी
कुल पृष्ठ 59
Pdf साइज़1 MB
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