भारत के विषयुक्त सर्पो का वर्णन | Bharat Ke Vishayukt Sarpo

भारत के विषयुक्त सर्पो का वर्णन | Bharat Ke Vishayukt Sarpo Book/Pustak Pdf Free Download

पुस्तक का एक मशीनी अंश

करायत के पहिचानने के लिए सबसे पहले हमको यह जानना आवश्यक है कि पीठ के बीचबाले छिलके और छिलकों से बड़े हैं या नहीं। इसके बिना सा कभी करायत नहीं हो सकता । कभी कभी और भी बिपरित सर्पो के पीठ के छिलके बड़े होते हैं तथा इसी लिए और भी बहुत-सी विधियाँ हैं

जिससे करायत की पहिचान हो सकती है। परन्तु ये विधियाँ साधारण मनुष्य की समझ में नहीं आ सकती इसी लिए मैं उनके इस जगह नहीं देना चाहता ।करायत प्रायः सर्व प्रकार के हमारे भारतवर्ष में पाये जाते हैं।

इनमें से दो प्रकार के जिनको कि हिन्दी में करायत या चित्ती Bungarus cuarulus तथा राजसाँप Bungarus fasciatus. कहते हैं भारतवर्ष में बहुत अधिक संख्या में पाये जाते हैं । इनमें से राजसाँप कुछ कम संख्या में मिलते हैं ।

पीले सिर वाला करायत Bungarus Flaviceps पहिचान केवल इसी प्रकार के करायत में छिलकों की १३ सतर (Pows) होती हैं। मेरुदस्डवाले दिलके जितने चौड़े होते हैं उतने ही लम्बे होते हैं ।

निवास-ये स बहुत कम संख्या में मिलते हैं । मलाया पेनिन्सुला से तनासरिम तक तथा वर्मा प्रदेश में भी पाये जाते हैं। परन्तु यास्तथ में विषयुक्त तथा विपरहित सो को ठीक ठीक पहिचान कर उनकी पृथक् करना एक बड़ी कठिन समस्या हो जाती है ।

प्रायः सब Viperine सर्प जो कि वाईपरिडी Viperidae Family में हैं विषयुक्त हैं तथा Aloo ऐल कॉक और (Rogers) रोजर्स महाराय ने अपने कठिन परिश्रम के फल से यह अनुमान किया है

प्राय: सब सपना के (जो कि कोलुन्रिडी Colubrids Family में हैं) मुँह के अन्दर विष होता है । किसी के कम होता है और किसी के अधिक । Call Bride Family कालुत्रिडी फैमिली ३ विभागों में विभक्त की गई है।

लेखक श्यामपद बनर्जी-Shyamapada Banerjee
भाषा हिन्दी
कुल पृष्ठ 39
Pdf साइज़1.9 MB
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